भोपाल: राज्य दत्तक ग्रहण संसाधन अभिकरण, मध्यप्रदेश द्वारा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (दिव्यांग बच्चों) के गैर-संस्थागत पुनर्वास विषय पर भोपाल में क्षेत्रीय परामर्श बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समुचित विकास के लिए उन्हें संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार और समाज के बीच सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों के पुनर्वास के लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है, जिनका उद्देश्य बच्चों को पारिवारिक स्नेह, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। मंत्री ने अधिकारियों और विशेषज्ञों से कहा कि ऐसे बच्चों की पहचान, देखभाल और पुनर्वास के लिए बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जाए, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
बैठक में विशेषज्ञों, समाजसेवी संस्थाओं, बाल कल्याण से जुड़े अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान दिव्यांग बच्चों के दत्तक ग्रहण, फोस्टर केयर, प्रायोजन तथा परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।
परामर्श बैठक में यह भी बताया गया कि गैर-संस्थागत पुनर्वास मॉडल बच्चों को परिवार जैसा माहौल प्रदान करता है, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास को बेहतर दिशा मिलती है। बैठक के अंत में विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने पर भी विचार किया गया।
