दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा की वेब सीरीज ‘चिरैया’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। यह सीरीज मैरिटल रेप और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने लाती है।
‘चिरैया’ वेब सीरीज का ट्रेलर रिलीज हो चुका है, जिसने अपने दमदार विषय और भावनात्मक कहानी से दर्शकों का ध्यान खींच लिया है। दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा जैसे अनुभवी कलाकारों से सजी यह सीरीज समाज के एक बेहद संवेदनशील मुद्दे मैरिटल रेप पर खुलकर बात करती नजर आती है। निर्देशक शशांत शाह की इस सीरीज में वैवाहिक रिश्तों के भीतर छिपी कड़वी सच्चाइयों को सामने लाने की कोशिश की गई है।
करीब 1 मिनट 43 सेकेंड का ट्रेलर दर्शकों को एक ऐसे परिवार की कहानी में ले जाता है, जहां बाहर से सब कुछ आदर्श और खुशहाल दिखाई देता है, लेकिन अंदर कई अनकही सच्चाइयां छिपी होती हैं। कहानी की मुख्य किरदार कमलेश है, जिसका रोल दिव्या दत्ता ने निभाया है। कमलेश खुद को एक आदर्श बहू मानती है और परिवार की परंपराओं और मूल्यों को बहुत महत्व देती है।
‘चिरैया’ का ट्रेलर हुआ रिलीज
वेब सीरीज ‘चिरैया’ के ट्रेलर की शुरुआत में घर में शादी का माहौल दिखाई देता है और परिवार के सभी लोग खुश नजर आते हैं। लेकिन कहानी तब मोड़ लेती है जब कमलेश अपनी नई-नवेली देवरानी पूजा को छत पर आत्महत्या की कोशिश करते देखती है। यह घटना पूरे परिवार की सच्चाई को उजागर करने की शुरुआत बन जाती है।
जब पूजा कमलेश को बताती है कि उसके पति अरुण ने उसके साथ जबरदस्ती की है, तो कमलेश इस बात को मानने से इनकार कर देती है। वह उसे ‘पत्नी धर्म’ की सीख देने लगती है। लेकिन स्थिति तब बदल जाती है जब पूजा उससे पूछती है कि क्या वह ‘कंसेंट’ यानी सहमति का असली मतलब जानती है।
इसके बाद कहानी कमलेश के अंदर चल रहे संघर्ष को दिखाती है। एक ओर परिवार के प्रति उसकी वफादारी है, तो दूसरी ओर अन्याय के खिलाफ खड़े होने की नैतिक जिम्मेदारी। यह सीरीज समाज में मौजूद पितृसत्तात्मक सोच और उन मान्यताओं पर सवाल उठाती है, जो अक्सर महिलाओं की आवाज को दबा देती हैं।
कब और कहां रिलीज होगी वेब सीरीज?
सीरीज में दिव्या दत्ता और संजय मिश्रा के अलावा सरिता जोशी, टीनू आनंद, प्रसन्ना बिष्ट, सिद्धार्थ शॉ और अंजुम सक्सेना भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह सीरीज जियोहॉटस्टार पर 20 मार्च को रिलीज होगी। अपने बोल्ड विषय और संवेदनशील कहानी के कारण ‘चिरैया’ उन खामोश सच्चाइयों को सामने लाने की कोशिश करती है, जिन पर अक्सर समाज खुलकर बात करने से बचता है।
