
भिंड। भिंड में हाईवे मार्ग के चौड़ीकरण की मांग को लेकर संत समाज ने बरेठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू कर दिया है। संत समाज और स्थानीय लोगों का कहना है कि यह हाईवे काफी संकरा है और यहां लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। लंबे समय से इस सड़क को चौड़ा करने की मांग की जा रही है।
बताया गया है कि इससे पहले संत समाज ने भिंड के खंडा रोड पर अखंड आंदोलन किया था। उस समय मंत्री राकेश शुक्ला ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर आश्वासन दिया था। इसके बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था। लेकिन अब तक नेशनल हाईवे-719 मार्ग के चौड़ीकरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण संत समाज में नाराजगी बनी हुई है।
इसी नाराजगी के चलते संत समाज ने एक बार फिर बरेठा टोल प्लाजा पर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ आंदोलन शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों की मांग है कि जब तक मार्ग का चौड़ीकरण नहीं किया जाता, तब तक टोल प्लाजा पर टोल वसूली बंद की जाए। आंदोलन में बड़ी संख्या में संत समाज के लोग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
*साधु-संतों का दावा- मौत का हाईवे बन चुका है मार्ग*
धरने पर बैठे साधु-संतों का कहना है कि भिंड-इटावा हाईवे 719 अब मौत का हाईवे बन चुका है। यहां लगभग हर दिन बड़े-बड़े सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। उनका कहना है कि पिछले एक साल में इस हाईवे पर 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा रोजाना कई गोवंश भी हादसों में मारे जा रहे हैं।
*लगातार उठ रही है फोर लेन बनाने की मांग*
साधु-संतों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अब इस हाईवे पर चलने में लोगों को डर लगने लगा है। लगातार हो रहे हादसों के कारण आसपास के इलाके के लोग भी डरे हुए हैं। यही वजह है कि पिछले दो साल से साधु-संत, स्थानीय प्रतिनिधि और आसपास के ग्रामीण इस नेशनल हाईवे को फोर लेन में बदलने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि हर बार केंद्रीय मंत्री से लेकर अन्य नेताओं तक ने आश्वासन दिया, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।
