सतना : मार्च महीने का मध्य आते-आते ही सूर्यदेव की तपिश ने आगे आने वाली भीषण गर्मी के संकेत देना शुरु कर दिया है. दिन के अधिकतम तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी को देखते हुए मार्च महीने में ही इाके 40 डिग्री तक पहुंच जाने की संभावना प्रबल हो गई है. आलम यह है कि एक ओर जहां दिन के तापमान में सामान्य की तुलना में लगभग 5 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है, वहीं दूसरी ओर रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य की तुलना में 3.7 डिग्री सेल्सियस ऊपर चढ़ गया.
मौसम कार्यालय के अनुसार रविवार को शहर में दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हलांकि पिछले 24 घंटे में इसमें 0.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई. लेकिन इसके बावजूद भी यह सामान्य की तुलना में 4.6 डिग्री अधिक पाया गया. दिन के अधिकतम तापमान में एकाएक बढ़ोत्त्री की शुरुआत गुरुवार स शुरु हो गई थी, जब पारा 37.4 डिग्री दर्ज हुआ था. हलांकि अगले दो दिनों तक अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री पर बना रहा. लेकिन रविवार को इसमें 0.2 डिग्री की कमी दर्ज हुई. मार्च माह का मध्य आते-आते ही सामान्य की तुलना में दिन के अधिकतम तापमान में लगभग 5 डिग्री की बढ़ोत्तरी यह बताने के लिए काफी है कि आने वाले दिनों में गर्मी कैसी पडऩे वाली है.
एक ओर जहां दिन के तापमान में इजाफा होता जा रहा है वहीं दूसरी ओर रात का न्यूनतम तापमान भी पीछे नहीं रहा. रविवार को शहर में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इस लिहाज से न्यूनतम तापमान में न सिर्फ पिछले 24 घंटे में 2.5 डिग्री की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. बल्कि यह सामान्य की तुलना में 3.7 डिग्री सेल्सियस अधिक पाया गया. लगभग सप्ताह भर में आई इस मौसमी तब्दीली की वजह से दिन के समय कड़ी धूप ने लोगों को झुलसाना शुरु कर दिया है. जिसके चलते मार्चं में ही लोगों ने सिर ढंकने की व्यवस्था के साथ पीने का पानी भी साथ में रखना शुरु कर दिया है. वहीं दूसरी ओर इस मौसमी फेरबदल का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ता नजर आने लगा है.
मौजूदा सिस्टम से उम्मीद कम
मौसम विभाग के अनुसार देश के उत्तरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ और ट्रर्फ रेखा जैसे सिस्टम सक्रिय हो रहे हैं. जिसका असर आने वाले दिनों में उत्त्र पश्चिमी भारत पर पडऩे की संभावना भी है. हलांकि मौसमी फेरबदल के चलते अगले सप्ताह राज्य के कुछ जिलों में तेज हवाओं और गरज चमक के साथ हल्की वर्षा की संभावना भी जताई जा रही है. लेकिन उक्त सिस्टम का असर जिले में भी देखने को मिलेगा, इसकी संभावना फिलहाल कम ही नजर आ रही है
