
खंडवा। क्षेत्र के अन्नदाताओं पर बिजली विभाग की अनदेखी काल बनकर टूटी है। पिछले आठ दिनों से मूंदी और आसपास के विधानसभा क्षेत्रों के कई गांवों में आगजनी की भीषण घटनाएं सामने आई हैं, जिसने किसानों की चार महीने की हाड़-तोड़ मेहनत को पल भर में राख के ढेर में तब्दील कर दिया। खेतों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के झूलते जर्जर तार, क्षतिग्रस्त खंभे और शॉर्ट सर्किट जैसे कारणों से करीब 100 एकड़ से अधिक क्षेत्र में खड़ी गेहूं की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस भारी आर्थिक नुकसान ने किसानों की कमर तोड़ दी है। किसान कांग्रेस के महासचिव गजेंद्र सिंह सोलंकी ने प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने सुलगांव में किसान रामलाल गुर्जर, खेगांव में आशाराम पवार, भोगाबा में निर्भय सिंह, विक्रम सिंह एवं हरे सिंह, और करौली में मुरली सहित दिनकरपुरा के किसानों के खेतों में पहुंचकर जली हुई फसल का मुआयना किया। इस दौरान किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि बिजली विभाग को बार-बार जर्जर तारों और क्षतिग्रस्त खंभों की सूचना दी गई थी, लेकिन समय रहते सुधार कार्य नहीं किया गया। किसानों का स्पष्ट आरोप है कि यदि विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाता तो इस तबाही को रोका जा सकता था।
दौरे के दौरान ही महासचिव गजेंद्र सिंह सोलंकी ने मोबाइल के माध्यम से बिजली और राजस्व विभाग के उच्चाधिकारियों से तीखी चर्चा की। उन्होंने शासन और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि प्रभावित किसानों के खेतों का तत्काल सर्वे कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही, उन्होंने बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी रखी है। सोलंकी ने प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि किसानों को समय पर न्याय और राहत राशि नहीं मिली, तो किसान कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि किसानों के हक के लिए रोड रोको, चक्का जाम और तहसील समेत विद्युत विभाग के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में उपजने वाली किसी भी अशांति की पूरी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभागों की होगी।
