
तेहरान। ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के प्रभावशाली धर्मगुरु मोजतबा खामेनेई की सेहत और ठिकाने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों का दौर तेज हो गया है। कुवैत के अखबार की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सुरक्षा और स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्हें एक बेहद गोपनीय अभियान के तहत रूस की राजधानी मॉस्को ले जाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। हालांकि ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि खामेनेई पूरी तरह सुरक्षित हैं और सामान्य रूप से अपने दायित्व निभा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार हालिया सैन्य तनाव और हवाई हमलों के बीच उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं, जिसके चलते उन्हें रूसी सैन्य विमान से मॉस्को पहुंचाया गया। दावा किया गया है कि वहां राष्ट्रपति भवन परिसर के अस्पताल में उनका ऑपरेशन भी किया गया और फिलहाल उनका इलाज जारी है। सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ईरानी सुरक्षा एजेंसियों को उनकी लोकेशन लीक होने का खतरा था, इसलिए उन्हें देश से बाहर ले जाने का निर्णय लिया गया।
बताया गया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन से बातचीत के दौरान उन्हें शरण और उपचार की पेशकश की थी। इसी के बाद उन्हें रूस ले जाने की योजना पर अमल किया गया।
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामेनेई की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी स्पष्ट नहीं है कि मोजतबा खामेनेई जिंदा हैं या नहीं, क्योंकि हाल के दिनों में उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन सभी दावों को निराधार बताते हुए कहा कि खामेनेई पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं।
