मुंबई, 14 मार्च (वार्ता) फिल्ममेकर योगेश देशपांडे ने बताया है कि उनकी आने वाली डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म “थंब्ज़ अप” असल ज़िंदगी की घटनाओं से प्रेरित है। कोंकण के नज़ारों पर आधारित यह फिल्म भारत के बढ़ते डिजिटल डिवाइड की असलियत को दिखाती है।हालांकि यह फिल्म एक दिलचस्प ड्रामा-थ्रिलर के तौर पर सामने आती है, लेकिन इसकी शुरुआत उन असल पलों से हुई है जिन्होंने योगेश पर गहरा असर डाला।
योगेश देशपांडे ने कहा, “मेरी फिल्म दो असली घटनाओं से प्रेरित है जिन्होंने मुझे बहुत परेशान किया। एक थी एक छोटी सी क्लर्क की गलती की वजह से एक छोटी सी लड़की की दुखद मौत, जिसे डिजिटल रिकॉर्ड में एक छोटी सी क्लर्क की गलती की वजह से राशन नहीं मिला था।यह एक ऐसा पल था जिसने दिखाया कि टेक्नोलॉजी कैसे तय कर सकती है कि कौन खाएगा और कौन नहीं।दूसरी घटना मैंने दूर-दराज के गांवों में देखी, जहां लोग सिर्फ मोबाइल सिग्नल पाने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ते हैं।एम्बुलेंस बुलाने, राशन, ओटीपी पाने, पेंशन पेमेंट या बैंक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करने, या बच्चों को ऑनलाइन क्लास में मदद करने के लिए। इन पलों ने डिजिटल इंडिया और भूले हुए भारत के बीच एक बहुत बड़ा अंतर दिखाया।”

