नयी दिल्ली, 14 मार्च (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप पर बमबारी का दावा करने के बाद यह द्वीप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केन्द्र बन गया है। श्री ट्रंप ने ईरान की सेना से हथियार डालने और ‘अपने देश का जो कुछ बचा है उसे बचाने’ की चेतावनी भी दी है।
फारस की खाड़ी के उत्तरी भाग में ईरान के दक्षिणी तट के पास बुशेहर के निकट स्थित खार्ग द्वीप ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केन्द्र के रूप में अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है। इसे देश की आर्थिक तथा सैन्य शक्ति का अहम आधार माना जाता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यह द्वीप वैश्विक बाजारों में ईरान के कच्चे तेल के निर्यात का मुख्य द्वार है। विभिन्न तटीय और समुद्री तेल क्षेत्रों से पाइपलाइनों के माध्यम से कच्चा तेल यहां स्थित भंडारण टर्मिनलों तक लाया जाता है और वहां से बड़े तेल टैंकरों के जरिए निर्यात किया जाता है। यहां अबूज़र, फरोज़ान और दुरूद जैसे प्रमुख समुद्री तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल की आपूर्ति होती है।
द्वीप की गहरे पानी की सुविधाएं बड़े तेल टैंकरों को संभालने में सक्षम हैं, जिसके कारण यह ईरान के तट पर उन कुछ स्थानों में से एक है जहां से बड़े पैमाने पर तेल निर्यात संभव है।
तेल निर्यात के कारण यह द्वीप सैन्य दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे मिलने वाला राजस्व ईरान की रक्षा व्यवस्था और सुरक्षा संस्थानों के लिए प्रमुख वित्तीय स्रोत माना जाता है। इसी कारण ईरान ने यहां मजबूत सैन्य और सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर रखी हैं। यह द्वीप पहले भी ईरान-इराक युद्ध के दौरान हमलों का निशाना बन चुका है, जब खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा प्रतिष्ठान संघर्ष के दौरान प्रमुख लक्ष्य बन गये थे।
श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी केन्द्रीय कमान ने खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य लक्ष्यों पर क्षेत्र के इतिहास के सबसे शक्तिशाली बमबारी अभियानों में से एक को अंजाम दिया और वहां के सभी सैन्य ठिकानों को नष्ट कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों ने जानबूझकर द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है तो अमेरिका अपना निर्णय बदल सकता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान किसी भी ऐसे लक्ष्य की रक्षा करने में सक्षम नहीं है, जिसे अमेरिका निशाना बनाना चाहे और यह भी कहा कि ईरान को कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा।
