तेहरान/वॉशिंगटन | अमेरिका-ईरान युद्ध के 15वें दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के ‘क्राउन ज्वेल’ कहे जाने वाले खार्ग द्वीप पर अब तक की सबसे भीषण बमबारी की है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना ने द्वीप पर मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को ‘पूरी तरह तबाह’ कर दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि मानवीय आधार पर फिलहाल तेल बुनियादी ढांचे (Oil Infrastructure) को निशाना नहीं बनाया गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि युद्ध की शुरुआत से अब तक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 15,000 से अधिक ठिकानों पर प्रहार किया है।
अमेरिकी हमले के जवाब में ईरान ने इजराइल के तेल अवीव और उत्तरी क्षेत्रों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के अनुसार, मिसाइल हमलों से मध्य इजराइल के कई हिस्सों में आग लग गई और लगभग 60 लोग घायल हुए हैं। साथ ही, ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमले तेज कर दिए हैं। सऊदी अरब और इराक में अमेरिकी दूतावास के पास धमाकों की खबरें हैं। युद्ध की इस आग ने वैश्विक तेल बाजार को हिला दिया है, जिससे ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया है।
ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘हॉर्मुज जलडमरूमध्य’ पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल ठिकानों को छुआ गया, तो वह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को पूरी तरह ठप कर देगा। ट्रंप ने जवाबी धमकी देते हुए कहा है कि यदि जहाजों की आवाजाही रोकी गई, तो खार्ग द्वीप का तेल ढांचा उनका अगला निशाना होगा। इस बीच, लेबनान में इजराइली हमलों में 12 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत के बाद तनाव चरम पर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस युद्ध के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को लेकर बेहद चिंतित है, क्योंकि शांति के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

