नयी दिल्ली, 13 मार्च (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शुक्रवार को रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और अन्य के खिलाफ दर्ज 228 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में अनिल अंबानी के पुत्र जय अनमोल अंबानी का बयान दर्ज किया।
यह मामला पिछले साल छह दिसंबर को दर्ज किया गया था। इस मामले में जय अनमोल अंबानी, रवींद्र सुधालकर सहित अज्ञात व्यक्तियों और अज्ञात लोक सेवकों को आरोपी बनाया गया है।
जांच एजेंसी ने जय अनमोल अंबानी को शुक्रवार को दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में जांच में शामिल होने के लिए तलब किया था।
एक वरिष्ठ सीबीआई अधिकारी ने कहा, “ जय आज जांच अधिकारी के सामने पेश हुए और उनसे करीब 6.5 घंटे तक पूछताछ की गयी। आगे की पूछताछ के लिए आरोपी को शनिवार को भी बुलाया गया है।”
सीबीआई ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (रिलायंस एडीए ग्रुप की एक कंपनी), इसके प्रमोटरों/निदेशकों और अज्ञात बैंक अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। शिकायत में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक कदाचार का आरोप लगाया गया है, जिससे यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पूर्व में आंध्रा बैंक) को 228.06 करोड़ रुपये की क्षति हुई है।
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के खाते को 2019 में ‘गैर-निष्पादित संपत्ति’ (एनपीए) घोषित किया गया था और बाद में 2024 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने इसे ‘धोखाधड़ी’ के रूप में वर्गीकृत किया था।
रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित 18 बैंकों, वित्तीय संस्थानों, एनबीएफसी और कॉर्पोरेट निकायों से 5,572.35 करोड़ रुपये का ऋण लिया था। इन आरोपों की विस्तृत जांच चल रही है कि आरोपी कंपनी ने कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ धोखाधड़ी की है।
इससे पहले 2025 में सीबीआई ने मुंबई में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किया था और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के मुंबई स्थित दो आधिकारिक परिसरों अनिल अंबानी के पुत्र और कंपनी के पूर्व निदेशक जय के आवासीय परिसर और आरएचएफएल के पूर्व सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक रवींद्र सुधालकर के आवास पर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किये गये थे।
