
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में कहा कि धर्म परिवर्तन के लिए किसी पर भी दबाव बनाना एक गंभीर अपराध है। इस मत के साथ जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने खजुराहो के एक मिशनरी स्कूल की प्राचार्य पर लगे धर्म परिवर्तन के दबाव के आरोपों के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने से इंकार कर दिया। न्यायालयने कहा है कि आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर हैं और मामले का अंतिम निराकरण ट्रायल के दौरान ही होगा।
मामला छतरपुर जिले के खजुराहो स्थित सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से जुड़ा है। स्कूल की पूर्व शिक्षिका रूबी सिंह ने प्रिंसिपल सिस्टर भाग्या के खिलाफ खजुराहो थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। रूबी सिंह ने शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल लगातार उस पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रही थीं। जब शिक्षिका रूबी सिंह ने ऐसा करने से मना किया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। वहीं प्राचार्य की ओर से दलील दी गई कि रूबी सिंह की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं थी, इसलिए 17 जुलाई 2020 को उनकी सेवाएं समाप्त की गईं थी। इसके बाद उन्होंने निजी रंजिश के चलते झूठी शिकायत दर्ज कर दी। राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच के दौरान प्रिंसिपल के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। शिकायतकर्ता का बयान मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया है। ऐसे में एफआईआर को रद्द करने का कोई आधार नहीं है।
