
भोपाल। पूर्व मंत्री और पूर्व कांग्रेस विधायक सुखदेव पांसे को वर्ष 2007 के मुलताई पारधी दंपति हत्याकांड और उससे जुड़े हिंसा के मामले में अदालत से राहत मिली है। भोपाल की विशेष अदालत ने आज उन्हें इस मामले में बरी कर दिया।
यह फैसला न्यायाधीश स्वयं प्रकाश दुबे, इक्कीसवें अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (एमपी एवं एमएलए) भोपाल की अदालत ने सुनाया। अदालत ने हत्या, आगजनी और दंगा भड़काने से जुड़े आरोपों में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के आधार पर सुखदेव पांसे को दोषमुक्त कर दिया।
यह मामला वर्ष 2007 में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में पारधी समुदाय के एक दंपति की हत्या और उसके बाद हुई हिंसक घटनाओं से जुड़ा था। इस प्रकरण में कई लोगों के खिलाफ हत्या, आगजनी और दंगा फैलाने के आरोप लगाए गए थे, जिनमें तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियों के चलते पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे का नाम भी शामिल किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अदालत में विभिन्न साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किए गए। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वी.के. सक्सेना और संजय रावत ने अदालत में पूर्व मंत्री पांसे का पक्ष रखा और आरोपों को निराधार बताया।
लंबे समय तक चली सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने आज अपना निर्णय सुनाते हुए सुखदेव पांसे को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत के इस फैसले के बाद पांसे के समर्थकों में संतोष व्यक्त किया जा रहा है।
