
नीमच। जिले के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। नेशनल मींस कम मेरिट छात्रवृत्ति परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस गौरवपूर्ण परिणाम में जिले के 56 विद्यार्थियों ने राज्य स्तर पर अपनी पात्रता सिद्ध की है, जिन्हें अब आगामी सत्र से प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
विकासखंडवार प्रदर्शन: मनासा ने कायम रखा अपना वर्चस्व
घोषित परिणाम के अनुसार, मनासा विकासखंड ने जिले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक 32 चयन दिए हैं। वहीं जावद विकासखंड से 17 और नीमच विकासखंड से 7 विद्यार्थियों ने यह कठिन पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की है। इन विद्यार्थियों की सफलता ने जिले के शैक्षणिक स्तर को राज्य स्तर पर नई पहचान दी है।
अतिरिक्त कालखंड और विशेष कार्यशालाओं का मिला लाभ
जिला अकादमिक समन्वयक पं. अंबिका प्रसाद जोशी ने बताया कि जिले की कुछ शालाओं ने एक विशेष कार्य संस्कृति विकसित कर ली है। यहाँ शिक्षकों द्वारा नियमित कक्षाओं के अलावा अतिरिक्त कालखंड लगाकर बच्चों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जाता है।
मनासा मॉडल: मनासा में बीआरसीसी के कुशल निर्देशन में पूरी टीम सक्रिय रहती है। यहाँ जन शिक्षा केंद्र स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं और व्हाट्सएप ग्रुप्स के माध्यम से डिजिटल सपोर्टिव मटेरियल साझा किया जाता है।उपस्थिति में राज्य में दूसरे स्थान पर रहा था नीमच
उल्लेखनीय है कि यह परीक्षा 12 अक्टूबर 2025 को जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी। उस समय विद्यार्थियों की रिकॉर्ड उपस्थिति के चलते नीमच जिला पूरे मध्य प्रदेश में द्वितीय स्थान पर रहा था। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि जो शालाएं इस बार सफल नहीं हो पाई हैं, वे यदि सुनियोजित रणनीति बनाकर परिश्रम करें, तो अगले वर्ष सफलता अवश्य मिलेगी।
