पटना | बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से डबल इंजन सरकार की विफलताओं की एक लंबी सूची जारी की है। तेजस्वी ने ‘एक्स’ (Twitter) पर पोस्ट साझा करते हुए बिहार को विकास के सभी मानकों पर ‘फिसड्डी’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों के एनडीए शासन में बिहार देश का सबसे गरीब राज्य बना हुआ है, जहाँ बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पलायन और स्कूल ड्रॉप-आउट दर देश में सबसे अधिक है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या यही एनडीए का कथित सुशासन है, जहाँ प्रति व्यक्ति आय और औद्योगिक इकाइयां देश में सबसे न्यूनतम स्तर पर हैं?
तेजस्वी यादव ने अपने हमले में महंगाई के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि बिहार की जनता देश में सबसे महंगी बिजली, गैस और पेट्रोल-डीजल खरीदने को मजबूर है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा चुकी हैं और स्कूलों में कंप्यूटर लैब तथा बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। नेता प्रतिपक्ष ने सत्ताधारी दल पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि शर्मनाक रैंकिंग के बावजूद किसी की कोई जवाबदेही नहीं है; यहाँ केवल ‘पलटा-पलटी’ की राजनीति, सरकारी खजाने से वोट की खरीद और जातिवाद के सहारे सत्ता का आनंद भोगा जा रहा है।
आरजेडी के इन आरोपों पर सत्ताधारी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि तेजस्वी पुराने आंकड़ों को ही दोहरा रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि लालू-राबड़ी शासन की तुलना में बिहार की अर्थव्यवस्था 14 गुना बड़ी हो चुकी है। जेडीयू ने दावा किया कि पिछले 20 वर्षों में 16 बार बिहार ने डबल डिजिट में विकास दर दर्ज की है, जो राज्य की समृद्धि का प्रमाण है। वहीं, मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार की जनता ने हालिया चुनावों में एनडीए को भारी बहुमत देकर तेजस्वी के इन सवालों का जवाब पहले ही दे दिया है।

