बुधनी। एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर सरकार द्वारा जारी नए आदेश के बाद नगर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. लोग गैस सिलेंडर भरवाने के लिए एजेंसियों के बाहर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, वहीं सड़कों पर डिलीवरी वाहनों के पास भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है.
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच न्यूनतम अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है. साथ ही गैर-आवश्यक प्रतिष्ठानों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति अस्थायी रूप से रोक दी गई है. इस आदेश के बाद कई स्थानों पर पैनिक बुकिंग की स्थिति बन गई है. नतीजतन गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी जा रही है.
नगर में संचालित राजपूत एचपी गैस एजेंसी के संचालक मंजीत सिंह राजपूत ने बताया कि क्षेत्र में करीब 11 हजार घरेलू एलपीजी कनेक्शन और लगभग 200 कमर्शियल कनेक्शन वितरित किए गए हैं. वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने गैस सिलेंडर वितरण के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं, जिसके कारण लोगों में अनावश्यक घबराहट देखी जा रही है. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि सरकार के निर्देशों का पालन करें और घबराने की आवश्यकता नहीं है, गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. इधर कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रुकने से नगर के छोटे होटल और ढाबा संचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
होटल व्यवसायी जितेंद्र वर्मा ने बताया कि अभी तक उनका व्यवसाय कमर्शियल गैस सिलेंडर के सहारे चल रहा था, लेकिन नए आदेश के बाद अब कोयला और लकड़ी की भट्टियों का सहारा लेना पड़ सकता है. वहीं नगर के बृजवासी ढाबा संचालक भूपेंद्र यादव ने बताया कि पिछले तीन दिनों से उनके यहां कमर्शियल गैस सिलेंडर खत्म हो गया है. एजेंसी में संपर्क करने के बावजूद अभी तक सिलेंडर नहीं मिल सका है. उन्होंने बताया कि होटल में प्रतिमाह करीब 15 कमर्शियल गैस सिलेंडर की खपत होती है और प्रतिदिन लगभग 25 से 30 हजार रुपए की आमदनी होती थी. गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से न केवल व्यवसाय प्रभावित हुआ है, बल्कि होटल से जुड़े करीब 15 श्रमिक परिवारों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.
