
-बढ़ौरा एवं मौहार मंदिर में लगा रहा श्रद्धालुओं का तांता
-बसंत पंचमी में महादेव की आराधना का होता है विशेष महत्व
नवभारत न्यूज
सीधी/बढ़ौरा/बहरी 3 फरवरी।बसंत पंचमी का पावन पर्व सोमवार को जिले भर में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। शिवालयों में सुबह से ही हर-हर महादेव के उद्घोष गूंजना शुरू हो गए थे। भक्तों द्वारा पूरी आस्था के साथ जलाभिषेक कर माथा टेके गए। इस पर्व पर जिले के प्रमुख धार्मिक स्थल बढ़ौरा शिव मंदिर एवं मौहार के नीलकंठ स्वामी मंदिर में विशाल मेले का आयोजन किया गया। शहर के पूजा पार्क एवं पडरा शिव मंदिर में भी मेला लगा। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती एवं भगवान शिव के पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना गया है। इस अवसर पर जिले के बढ़ौरा शिव मंदिर तथा बहरी के पास मौहार स्थिति स्वामी नीलकंठ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का रूद्राभिषेक करते हैं। सोमवार को प्रात: काल से ही दोनों ही मंदिरों में जल चढ़ाने श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दोनों ही प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशाल मेले का भी आयोजन किया गया। जहां श्रद्धालुओं को लाने ले जाने के लिए विशेष वाहन भी चलाए गए। भगवान शिव के दर्शन करने शिव मंदिरों में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। पुराणों के अनुसार बसंत पंचमी पर शिव अराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है। देवालयों में भगवान शिवलिंग का रूद्राभिषेक व जल चढ़ाने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। जिले के बढ़ौरा शिव मंदिर और मौहार स्वामी नीलकंठ मंदिर में वसंत पंचमी के अवसर पर विशेष शिव अराधना की जाती है। जहां सीधी सहित अन्य जिले के श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में पहुंचकर भगवान शिव का रूद्राभिषेक करते हैं। शनिवार को दोनों की प्रमुख मंदिरों में दिन भर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। बसंत पंचमी के अवसर पर स्थानीय शहर के पूजा पार्क स्थित मंदिरों में भी श्रद्धालु विगत वर्षों की भांति पूजा अर्चना के लिए पहुंचे। ज्यादातर शहर वासियों ने इस मेले में पहुंचकर आनंद उठाए। इसके साथ ही शहर के नजदीकी ग्राम पडरा स्थिति शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बता दें कि शिव मंदिर कमचड़ में आस-पास के गांव परासी, टिकरी, कंजवार, शेर, महखोर, भुमका, शिकरा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों से लोग पहुंचे जो मंदिर में पूजा अर्चना के साथ ही मंदिर परिसर में लगे मेले का लुत्फ उठाया। यहां सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मड़वास पुलिस और टिकरी पुलिस मुस्तैद रही।
विद्यालयों में सरस्वती पूजन का हुआ आयोजन –
विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती के पूजन का कार्यक्रम आज बसंत पंचमी पर विद्यालयों में धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। सुबह से ही छात्र-छात्राएं पूजन सामग्री लेकर अपने विद्यालयों में पहुंचे और सरस्वती पूजन कार्यक्रम में पूरी आस्था के साथ सहभागिता प्रदर्शित की। जिले भर में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में आज सरस्वती पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं अन्य विद्यालयों में भी सरस्वती पूजन का कार्यक्रम आयोजित हुआ। सरस्वती पूजन के कार्यक्रम में भाग लेने को लेकर विद्यार्थियों में भी काफी उत्साह देखा गया। इस अवसर पर सभी विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा भी पूजन के लिए खास व्यवस्थाएं बनाई गई थी। जिससे विद्यार्थियों को विद्या की देवी मां सरस्वती का पूजन करनें में पूरी सुविधा मिल सके। सरस्वती पूजन के लिए विद्यालयों में विशेष पुरोहित बुलाए गए थे। जिनके द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजन अर्चना करनें के साथ ही छात्र-छात्राओं को अपना आशीर्वाद प्रदान करनें की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर काफी संख्या में छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती पूजन में अपने कलम को भी रखा गया था।
प्रशिद्ध मंदिरों में पुलिस की रही पैनी नजर –
जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हजारों की भीड़ सुबह से ही उमडऩा शुरू हो जाती है। यह सिलसिला शाम तक बना रहता है। प्रशिद्ध मंदिरों में सीधी जिले के साथ ही अन्य समीपी जिलों से भी सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर पूजा अर्चना करते हैं। बसंत पंचमी के अवसर पर सीधी जिले में सबसे बड़ा मेला बढ़ौरा शिव मंदिर के साथ ही नीलकंठ मंदिर मौहार में लगता है। यहां पर सीधी जिले के साथ ही सिंगरौली एवं रीवा जिले से भी काफी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक करनें के लिए आते हैं। प्रसिद्ध मंदिरों में हजारों की भीड़ दिन भर उमडऩें के कारण श्रद्धालुओं के बीच में अराजक तत्वों के साथ ही जेब कतरे एवं चोर उचक्के भी सक्रिय रहते हैं। इनके द्वारा मौका देखकर श्रद्धालुओं के जेब काटनें के साथ ही महिलाओं के जेवर भी उड़ा लिए जाते हैं। मंदिर एवं मेला क्षेत्रों में इसी वजह से काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
