दलित-आदिवासी शोषण का मुद्दा: आनंदपुर धाम मामले की सीबीआई से हो जांच

भोपाल। अशोकनगर जिले के झाबुआ क्षेत्र से जुड़े आनंदपुर धाम को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रह गए हैं। यह मामला दलित और आदिवासी समुदायों के कथित यौन शोषण, भूमि कब्जे और संगठित आपराधिक गतिविधियों की ओर इशारा कर रहा है। यह आरोप मध्यप्रदेश कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने लगाए हैं।

प्रदीप अहिरवार ने कहा कि आश्रम में रहने वाली दलित और आदिवासी महिलाओं व युवकों के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया गया। आरोप है कि विरोध करने या शिकायत दर्ज कराने पर पीड़ितों को धमकाया गया, काम से निकाला गया और डराने-धमकाने की कोशिश की गई। कुछ मामलों में जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने और सबूत नष्ट करने के आरोप भी सामने आए हैं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आश्रम से जुड़े लोगों ने डर और धार्मिक प्रभाव का इस्तेमाल कर दलित, आदिवासी तथा शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया। इसके साथ ही गो-तस्करी, वित्तीय अनियमितताओं, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों की मौजूदगी के आरोप भी लगाए गए हैं।

प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए अहिरवार ने सीबीआई जांच, पीड़ितों को सुरक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो यह हाशिए पर खड़े समुदायों के साथ अन्याय होगा।

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