इंदौर: शहर में यूं तो जन सुविधाओं से जुड़ी अनेक समस्याएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं, लेकिन इनमें कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिनका समाधान वर्षों बाद भी नहीं हो पाता. इसी तरह की एक सबसे गंभीर समस्या है सीवरेज लाइन. यह समस्या एक पुरानी और गंभीर चुनौती बनी हुई है. कई वार्डों में सालों से निवासियों को दूषित पानी और जलजमाव का सामना करना पड़ रहा है. देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब पाने के बावजूद, शहर के कई इलाकों में पुरानी पाइपलाइनों के कारण सीवर का पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल रहा है, जिससे बीमारियां फैल रही हैं और रहवासी लंबे समय से परेशान हैं.
देवास नाका के समीप स्थित वार्ड 31 के अंतर्गत आने वाले बापू गांधीनगर क्षेत्र में सीवरेज लाइन की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है. क्षेत्रवासियों के अनुसार यहां डाली गई सीवरेज लाइन काफी पुरानी और संकरी है, जिसके कारण वह बार-बार चोक हो जाती है. स्थिति यह रहती है कि चैंबरों से गंदा पानी और गंदगी सडक़ों पर फैल जाती है, जिससे आसपास के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. जब सीवरेज लाइन अधिक चोक होने लगती है तो उसका असर पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ता है.
कई बार नर्मदा लाइन के माध्यम से घरों के नलों में दूषित पानी आने लगता है. जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा भी बना रहता है. क्षेत्र के लोगों द्वारा इस समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार शिकायतें भी दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन अब तक न तो सीवरेज लाइन को बदला गया है और न ही समस्या के स्थाई समाधान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की गई है. स्थानीय रहवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में नई और पर्याप्त क्षमता वाली सीवरेज लाइन डाली जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से लोगों को राहत मिल सके.
यह बोले रहवासी…
ड्रेनेज लाइन के चेंबर चौक हो जाते हैं और नालों में गंदा पानी भी आने लगता है, इससे तो सभी परेशान हैं. यह हमेशा की समस्या है लेकिन कोई सुध ही नहीं ले रहा.
– सुशीला बाई
हर दो-चार दिन में लाइन चौक हो जाती है. चैंबर उफनने लगते हैं, गंदगी सडक़ पर बहने लगती है. फोन करो तो सफाईकर्मी साफ कर जाते हैं, बाद में फिर वही समस्या खड़ी हो जाती है.
– मीरा बाई
बार-बार लाइन चौक होने की शिकायत हमने जिम्मेदार अधिकारियों से कई बार की, वे कहते हैं कि लाइन जल्दी बदलेंगे. बस बोलते है,ं लेकिन करते नहीं. अभी तक लाइन नहीं बदलने से समस्या वहीं के वहीं बनी हुई है.
– ललिता बाई
स्वीकृति मिल चुकी है, शीघ्र बदली जाएगी लाइन
लाइन काफी पुरानी है, इसे बदलने के लिए कार्य स्वीकृत हो चुका है, जल्द ही इस कार्य को शुरू किया जाएगा. इससे सीवरेज चौक होने की समस्या खत्म हो जाएगी.
– बालमुकुंद सोनी, पार्षद
