वॉशिंगटन। ईरान के साथ जारी तनाव और सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका में रणनीतिक स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है। पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कुछ वरिष्ठ सलाहकारों ने निजी तौर पर युद्ध से बाहर निकलने की संभावित रणनीति तैयार करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि अमेरिका को ऐसा रास्ता तलाशना चाहिए जिससे यह संदेश दिया जा सके कि सैन्य अभियान अपने प्रमुख लक्ष्यों को हासिल कर चुका है और अब संघर्ष को समाप्त किया जा सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध के लंबे खिंचने की स्थिति में इसके आर्थिक और राजनीतिक दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। खास तौर पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी अमेरिका के नीति-निर्माताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता बन गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ती है तो इसका सीधा असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था और घरेलू महंगाई पर पड़ सकता है।
सलाहकारों को यह भी आशंका है कि लंबे समय तक चलने वाला युद्ध अमेरिकी मतदाताओं में असंतोष पैदा कर सकता है, जिसका असर आगामी चुनावी माहौल पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक राजनीतिक रणनीतिकारों का मानना है कि युद्ध की लंबी अवधि सरकार के लिए चुनावी जोखिम भी बढ़ा सकती है।
हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दिए बयान में कहा कि अमेरिकी सैन्य अभियान तय समय से आगे बढ़ रहा है और उन्हें उम्मीद है कि यह संघर्ष बहुत जल्द समाप्त हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि यदि ईरान तेल आपूर्ति में बाधा डालने या क्षेत्रीय हमले जारी रखता है तो अमेरिका दबाव की अपनी रणनीति को और सख्त कर सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में वॉशिंगटन की नीति इस बात पर निर्भर करेगी कि क्षेत्रीय हालात किस दिशा में बढ़ते हैं और क्या कूटनीतिक स्तर पर किसी समझौते की संभावना बनती है या नहीं।