तेहरान/तेल अवीव/वाशिंगटन, 10 मार्च (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर को पार कर चुकी कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 90 डॉलर के नीचे आ गई हैं जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के खिलाफ अभियान ‘लगभग पूरा’ हो चुका है और युद्ध जल्द समाप्त होगा। श्री ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष पर कई महत्वपूर्ण लेकिन अलग तरह के बयान देते हुए कहा है कि युद्ध लगभग पूरा हो चुका है और अमेरिका अपने निर्धारित समय से काफी आगे चल रहा है। फ्लोरिडा के डोराल में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया है कि 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक अमेरिका और इजरायल ने ईरान के पांच हजार ठिकानों पर हमले किए हैं। श्री ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त होने के बयान के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में करीब पांच प्रतिशत की गिरावट रही और यह 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। कच्चे तेल का मानक लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा 4.1 प्रतिशत टूटकर 94.20 डॉलर प्रति बैरल पर रहा। अमेरिकी वेस्ट टेक्सस क्रूड 4.89 प्रतिशत उतरकर 90.3 डॉलर प्रति बैरल बोला गया। इससे पहले सोमवार को कच्चे तेल में जबरदस्त तेजी देखी गयी थी और एक समय यह 119 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत का अनुभव “कड़वा” रहा है और अब उसके साथ नए सिरे से कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है।
श्री अराघची ने पीबीएस को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका पर बार-बार विश्वासघात और सैन्य आक्रामकता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अमेरिकियों से बातचीत या उनके साथ बातचीत करने का सवाल अब एजेंडे में होगा। हमारे लिए यह अनुभव बहुत कड़वा रहा है।”
इससे पहले श्री ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के जहाजों को रोकने की कोशिश की तो अमेरिका उस पर अब तक की तुलना में बीस गुना अधिक जोरदार हमला करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें आसानी से नष्ट किया जा सकता है और इससे ईरान का दोबारा खड़ा होना लगभग असंभव हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि उन पर मौत, आग और रोष का कहर बरसेगा। उन्होंने हालांकि ह भी जोड़ा कि वह आशा और प्रार्थना करते हैं कि ऐसा न हो। गौरतलब है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने श्री ट्रम्प को फोन किया और पश्चिम एशिया में तनाव एवं रुस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध सहित कई वैश्विक मुद्दों पर बात की। श्री ट्रम्प ने कहा, ”हमने ज़ाहिर तौर पर पश्चिम एशिया के बारे में बात की और वह मदद करना चाहते हैं। मैंने कहा, आप यूक्रेन-रूस युद्ध खत्म करके ज़्यादा मदद कर सकते हैं। यह ज़्यादा मददगार होगा। लेकिन हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई और वह बहुत रचनात्मक होना चाहते हैं।” इस बीच ईरान की सेना के प्रवक्ता ने मंगलवार तड़के कहा कि उनके फौजी हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े का इंतजार कर रहे हैं और युद्ध का अंत ईरान के हाथों में है। सरकारी मीडिया में आयी जानकारी के अनुसार इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता मेजर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक संवाददाता सम्मेलन और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर दिए गए हालिया बयानों के जवाब में की है। उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल हॉर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े और विमान वाहक पोत जेराल्ड फोर्ड का इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा इजरायली हवाई हमलों में ईरान के इस्फ़ाहान में चहेल सोतून पैलेस सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुंचा है।
उल्लेखनीय है कि सफाविद काल का यह महल इस्फ़ाहान के गवर्नर कार्यालय के पास स्थित है। रिपोर्टों के अनुसार, पास ही हुए बम धमाके के कारण महल परिसर के कुछ हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। यह महल अपने भित्ति चित्रों, तालाबों और 17वीं शताब्दी के ऐतिहासिक हॉल के लिए जाना जाता है।
ईरान के साथ बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और हालिया मिसाइल उल्लंघन की घटनाओं के बीच, तुर्की ने मंगलवार को कहा कि उसके प्रांत मालत्या में अमेरिका निर्मित ‘पैट्रियट’ हवाई रक्षा प्रणाली तैनात कर दी गई है। तुर्की के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह कदम उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के ‘उन्नत वायु और मिसाइल रक्षा’ उपायों के तहत उठाया गया है। लेबनान पर इजरायल के लगातार बढ़ते हमलों के कारण पिछले 24 घंटों में यहां एक लाख से अधिक लोग अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हुए हैं। इससे एक गंभीर मानवीय त्रासदी का संकेत मिलता है। लेबनान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) की प्रतिनिधि कैरोलिना लिंडहोम बिलिंग ने जिनेवा में पत्रकारों को बताया कि अब तक लेबनान सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर कुल 6,67,000 से अधिक विस्थापित लोग पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “पंजीकृत विस्थापितों की संख्या में मात्र एक दिन में एक लाख का इजाफा हुआ है, जो बेहद डरावना है।”

