
भोपाल। स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह में आयोजित चार राज्यों के नगरीय विकास मंत्रियों की बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के शहरी विकास, विरासत संरक्षण और आधुनिक बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार के दृष्टिकोण को साझा किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भोपाल की बड़ी झील के लिए बनाए गए ऐतिहासिक बांध और उस दौर की उत्कृष्ट अभियांत्रिकी क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रदेश की समृद्ध विरासत और तकनीकी समझ का प्रतीक है।
डॉ. यादव ने इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना को केंद्र सरकार से मिली स्वीकृति के लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को एक वर्ष के भीतर दो मेट्रो रेल सेवाओं की सौगात मिली है—इंदौर के बाद अब भोपाल में भी मेट्रो सेवा शुरू हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे सभागृह, जिसे पहले मिंटो हॉल के नाम से जाना जाता था, एक ऐतिहासिक विरासत स्थल है और यहां अन्य राज्यों से आए अतिथियों का स्वागत किया जाना गौरव की बात है। उन्होंने इंदौर की कान्ह नदी के दूषित जल को शिप्रा नदी में जाने से रोकने के लिए तैयार किए गए प्रोजेक्ट को नवाचार का उदाहरण बताया और कहा कि राज्य में नदी जोड़ो अभियान पर प्रभावी कार्य किया गया है।
डॉ. यादव ने जानकारी दी कि शिप्रा नदी में वर्षा जल संग्रहण की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध और पवित्र जल में स्नान का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में दो मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का विकास किया जाएगा, जिससे शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
