छतरपुर: संभाग के प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में शामिल छतरपुर का जिला अस्पताल इन दिनों अपनी बदहाली और गंदगी को लेकर चर्चा में है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे उठती बदबू के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वच्छता के दावों के बीच सामने आई ये स्थिति अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।
अस्पताल के वार्डों के आसपास और गलियारों में गंदगी फैली हुई है। कचरा दान ओवरफ्लो हो रहे हैं और नियमित सफाई नहीं होने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीजों के परिजन अस्पताल परिसर में ही बैठने को मजबूर हैं, जहां गंदगी और बदबू के कारण रहना मुश्किल हो रहा है।गौरतलब है कि इस जिला अस्पताल में केवल छतरपुर ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों टीकमगढ़, पन्ना और उत्तर प्रदेश के महोबा व बेलाताल क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां की अव्यवस्थाएं मरीजों की परेशानियां और बढ़ा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन और नगर पालिका के बीच समन्वय की कमी के कारण यह स्थिति बनी हुई है। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल परिसर में तत्काल साफ-सफाई की व्यवस्था सुधारी जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
