भोपाल: डीआईजी बंगला क्षेत्र, में अतिक्रमण और मेट्रो रेल परियोजना के काम चालू रहने से रहवासी दोहरी मार से त्रस्त है. अतिक्रमण और मेट्रो निर्माण कार्य के चलते सड़क का लगातार संकरा हो रहा है। यह समस्या न केवल दैनिक आवागमन को धीमा कर रही है, बल्कि व्यापार, आपातकालीन सेवाओं और सामान्य जनजीवन पर भी गहरा प्रभाव डाल रही है.डीआईजी बंगला चौराहा,पिछले कुछ वर्षों से, सड़क के किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानें, ठेले और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान लगातार बढ़ते जा रहे हैं.
ये अतिक्रमणकर्ता फुटपाथों को पूरी तरह से घेर लेते हैं, जिससे पैदल चलने वालों को सड़क पर आने के लिए मजबूर होना पड़ता है. इसके अलावा, कई दुकानदार अपनी दुकानों का सामान सड़क पर ही प्रदर्शित करते हैं, जिससे सड़क का एक बड़ा हिस्सा बाधित हो जाता है. ग्राहकों के वाहन भी सड़क पर ही खड़े होते हैं, जिससे यातायात का प्रवाह और धीमा पड़ जाता है. अतिक्रमण केवल पैदल चलने वालों के लिए ही बाधा नहीं है, बल्कि चार पहिया और दो पहिया वाहनों के लिए उपलब्ध जगह को भी कम कर देता है, जिससे लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है.
इस जटिल समस्या को और भी गहरा बनाने का काम मेट्रो रेल परियोजना कर रही है. डीआईजी बंगला क्षेत्र से गुजरने वाली मेट्रो लाइन का निर्माण कार्य जोरों पर है. निर्माण के लिए सड़क के बड़े हिस्से को बैरिकेड लगाकर घेरा गया है, जिससे यातायात के लिए उपलब्ध जगह और भी कम हो गई है. भारी मशीनरी, निर्माण सामग्री और श्रमिकों की आवाजाही भी यातायात को बाधित करती है. कई बार निर्माण कार्य के कारण धूल और मिट्टी उड़ती है, जिससे दृश्यता कम हो जाती है और वायु प्रदूषण भी बढ़ता है. रात्रि के समय भी निर्माण कार्य जारी रहने से ध्वनि प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है, जिससे आसपास के निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.
