सतना : पिछले 2 माह से खाद्यान्न नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे जिले के उचेहरा तहसील अंतर्गत अतरवेदिया खुर्द के रहवासी सोमवार को जिला कलेक्टोरेट पहुंच गए. जहां पर उन्होंने धरना देते हुए अपने अधिकारी की मांग की. प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों से चर्चा कर सप्ताह भर के अंदर हर संभाव राशल दिलाए जाने का आश्वासन दिया गया है.कलेक्ट्रोरेट परिसर में धरना दे रहे अधिकांश ग्रामीणों ने बताया कि वे मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं.
शासन की जलकल्याणकारी योजना के अंतर्गत गरीबों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मिलता है. उनकी ग्राम पंचायत में राशन वितरण का ठेका दुर्गा बहुउद्देशीय सहकारी समिति बिहटा को दिया गया था. लेकिन इस समिति द्वारा जनवरी और फरवरी माह में उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया गया. वही अन्य राशन दुकान में भी गड़बड़ी के चलते इन समितियों की पीडीएस मशीनें प्रतिबंधित कर दी गई हैं. जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने मांग की कि उन्हें जनवरी-फरवरी का खाद्यान्न दिलाया जाए और उनके गांव अतरवेदिया खुर्द में खाद्यान्न वितरण पूर्ववत रखा जाए. ग्रामीणों को धरना देते देख प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. ग्रामीणों से चर्चा करने के साथ ही मातहत अमले से आद्यतन जानकारी ली गई. जिसके फौरन बाद ही ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि सप्ताह भर के अंदर उन्हें हर संभव राशन मुहैया करा दिया जाएगा.
प्रकरण दर्ज जांच जारी
दिसंबर 2025 से लेकर फरवरी माह तक राशन नहीं मिलने के कारण उचेहरा क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा होली के दिन तालाब के पानी में उतरकर जल सत्याग्रह किया गया था. ग्रामीणों के सत्याग्रह के बाद प्रशासन द्वारा शुरु की गई जांच में लगभग 3 करोड़ रु से अधिक का खाद्यान्न घोटाला सामने आ गया. मामले की गंभीरता के चलते प्रशासन द्वारा जांच के दायरे को आगे बढ़ाते हुए उचेहरा-नागौद क्षेत्र में स्थित दर्जन भर शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के प्रबंधक, विक्रेता और सहायकों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करा दिया गया. माना जा रहा है कि जारी जांच के बाद गरीबों के अधिकार के खाद्यान्न को हड़प लेने के मामले में और लोगों के नाम भी सामने आएंगे
