सीधी जिले के जनपद सदस्य का चुनाव हाईकोर्ट ने किया निरस्त

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में प्रत्याशी द्वारा नामांकन में आपराधिक मामले की जानकारी छिपाने पर सीधी जनपद सदस्य का चुनाव निरस्त कर दिया। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने निर्वाचन अधिकारी को दोबारा चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि सीधी जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक-1 से निर्वाचित जनपद सदस्य के पद पर ऋषि राज मिश्रा का निर्वाचन हुआ था। न्यायालय ने पाया कि विजयी प्रत्याशी ऋषिराज मिश्रा ने अपने नामांकन पत्र और शपथ पत्र में आपराधिक मामलों की पूरी जानकारी नहीं दी, जबकि नियमों के अनुसार यह अनिवार्य है। न्यायालय ने कहा कि गलत या अधूरी जानकारी देकर नामांकन भरना गंभीर त्रुटि है और ऐसी स्थिति में नामांकन पत्र ही स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था। इसी आधार पर न्यायालय ने निर्वाचन अधिकारी के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें चुनाव याचिका खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने अधिवक्ता सिद्धार्थ सेठ को इस मामले में कोर्ट मित्र नियुक्त किया था। जिन्होंने न्यायालय को बताया कि मप्र पंचायत चुनाव नियम 1995 के नियम 31-। के तहत उम्मीदवार को सभी आपराधिक मामलों चाहे वे लंबित हों या निपट चुके है उनकी जानकारी देना अनिवार्य है।

यह था मामला-

वर्ष 2022 के पंचायत चुनाव के दौरान रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक-1 से कई उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। मतगणना के बाद 14 जुलाई 2022 को ऋषिराज मिश्रा को सबसे अधिक वोट मिलने पर विजयी घोषित कर दिया गया। चुनाव परिणाम के बाद दूसरे स्थान पर रहे राकेश पांडेय ने मिश्रा के नामांकन पत्र और शपथ पत्र की प्रतियां प्राप्त कर जांच की। इसमें सामने आया कि ऋषिराज मिश्रा ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों और शैक्षणिक योग्यता से जुड़ी सही जानकारी नहीं दी थी। इसके बाद उन्होंने याचिका दायर कर चुनाव परिणाम को चुनौती दी। निर्वाचन प्राधिकारी ने यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि गलत जानकारी देना भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में नहीं आता और इससे चुनाव परिणाम पर प्रत्यक्ष असर साबित नहीं हुआ है। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।

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