भोपाल। विजयपुर विधानसभा सीट को लेकर आए हाईकोर्ट के फैसले के बाद भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने नामांकन फॉर्म और शपथ पत्र में आवश्यक जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।
रावत ने कहा कि चुनावी शपथ पत्र में दी जाने वाली जानकारी पूरी और सत्य होना अनिवार्य है। यह व्यवस्था माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और चुनाव आयोग की अपेक्षाओं के अनुसार तय की गई है, ताकि मतदाताओं को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि वे किस प्रत्याशी को अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की जानकारी शपथ पत्र में छुपाई, जिससे मतदाताओं को गुमराह किया गया। इसी कारण उन्होंने चुनावी याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया।
रामनिवास रावत ने कहा कि न्यायालय के फैसले से यह स्पष्ट संदेश गया है कि चुनाव लड़ने वाले सभी प्रत्याशियों को चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पूरी ईमानदारी से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस प्रत्याशी की आपराधिक जानकारी पहले ही जनता के सामने होती, तो भाजपा प्रत्याशी उसी समय विजयी घोषित हो सकता था।
रावत ने बताया कि चुनावी याचिका पर सुनवाई के बाद विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित करते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी का विजयी प्रत्याशी घोषित किया गया है।
