
टीकमगढ़। मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने ‘आयोग आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत आज टीकमगढ़ जिले में जनसुनवाई आयोजित कर लंबित मामलों की सुनवाई की और जिला जेल का निरीक्षण भी किया।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभागार में आयोजित जनसुनवाई में आयोग में पहले से लंबित प्रकरणों के साथ-साथ मौके पर प्राप्त नए आवेदनों की भी सुनवाई की गई। इस दौरान आमजन से जुड़े विभिन्न मामलों पर अधिकारियों के साथ समीक्षा कर कई प्रकरणों का मौके पर ही निराकरण किया गया।
जनसुनवाई के दौरान डॉ. सिंह ने करीब 80 से 90 प्रकरणों पर सुनवाई की। इनमें से अधिकतर मामलों का तत्काल निराकरण कर संबंधित पक्षों को राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि आम जनता को त्वरित न्याय दिलाना और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करना आयोग की प्राथमिकता है।
जनसुनवाई में पुलिस, राजस्व, शिक्षा, विद्युत, नगरपालिका, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े मामले सामने आए। डॉ. सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में जांच की आवश्यकता है, उनका भी समय-सीमा के भीतर शीघ्र निराकरण किया जाए और प्रकरण लंबित न रखे जाएं।
जनसुनवाई के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि नागरिकों के मानवाधिकारों के संरक्षण का दायित्व शासन के साथ मानव अधिकार आयोग का भी है। इसी उद्देश्य से जिलों में पहुंचकर सीधे लोगों की शिकायतें सुनी जा रही हैं और उनके त्वरित समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान आयोग के उप पुलिस महानिरीक्षक मुकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक रसना ठाकुर, कलेक्टर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपर कलेक्टर सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के पश्चात आयोग अध्यक्ष डॉ. सिंह ने जिला जेल टीकमगढ़ का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से चर्चा कर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और कौशल प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानकारी ली तथा जेल अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए।
