हरिद्वार | उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार की रहने वाली 13 साल की एंजेल वर्मा पावर लिफ्टिंग की दुनिया में एक उभरता हुआ सितारा बनकर उभरी हैं। एंजेल के पिता गोपी वर्मा स्वयं एक कुशल पावर लिफ्टर हैं और अब तक 40 गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। उन्हीं की राह पर चलते हुए एंजेल ने महज 10 साल की उम्र से ही इस चुनौतीपूर्ण खेल को अपना लिया था। अगस्त 2023 में अपनी पहली स्टेट प्रतियोगिता से सफर शुरू करने वाली एंजेल ने तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा है और अब वे एशियन स्तर तक अपनी चमक बिखेर रही हैं।
वर्तमान में दून क्रैबिज स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा एंजेल अपनी पढ़ाई और खेल के बीच बेहतरीन संतुलन बनाए हुए हैं। अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न प्रतियोगिताओं में 32 स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं। एंजेल बताती हैं कि पावर लिफ्टिंग उनका जुनून है और वे सोशल मीडिया के जरिए भी इस खेल को प्रमोट करती हैं। उन्होंने न केवल मेडल जीते हैं, बल्कि कम उम्र में एशियन पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप का खिताब हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली एंजेल का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना और ओलंपिक जैसे बड़े मंच पर तिरंगा फहराना है। उनके पिता गोपी वर्मा, जो एक लघु व्यापारी हैं, अपनी सीमित आय के बावजूद बेटी के सपनों को पंख देने के लिए जी-जान से जुटे हैं। एंजेल का मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो उम्र मायने नहीं रखती। हरिद्वार के काशीपुरा ब्रह्मपुरी इलाके में रहने वाली इस ‘वंडर गर्ल’ की सफलता ने पूरे उत्तराखंड के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित किया है।

