जबलपुर। मदनमहल पहाड़ी पर शनिवार सुबह जिला प्रशासन और नगर निगम का भारी अमला, जेसीबी और डंपर के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए मैदान में उतरा। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, अतिक्रमणकारी अपने घरों को छोड़कर सड़क पर आ गए और विरोध करने लगे। कार्यवाही के दौरान एसडीएम अनुराग सिंह सहित तहसीलदार और अन्य राजस्व अधिकारी मौके पर मौजूद थे। अधिकारी न्यायालय के आदेश दिखाकर उन्हें हटने की ताकीद कर रहे थे, वहीं अतिक्रमणकारी कुछ दिन की मोहलत मांग रहे थे। काफी समझाईश के बाद कार्यवाही शुरू हुई, पहले दिन लगभग 8 से 10 परिवारों के अतिक्रमण हटाकर उन्हें सुनिश्चित कराया गया।
प्रशासन ने पहले ही दी थी चेतावनी
एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि कई दिन पहले से क्षेत्र में मुनादी कर लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी जा रही थी। कार्यवाही के दौरान कई अतिक्रमणों को चिह्नित कर दिया गया है, जिन पर कार्यवाही भी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य शासन को उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।
महिलाएं और बच्चे आगे, विस्थापन स्थल की मांग
अतिक्रमणकारी बच्चों की परीक्षाओं और विस्थापन स्थल पर बुनियादी सुविधाओं के अभाव का हवाला देते हुए कार्रवाई को रोकने का प्रयास कर रहे थे। महिलाओं ने छोटे बच्चों के साथ विरोध की अगुआई की। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि विस्थापन स्थल पर जल्द ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और लोगों से अपील की कि वे व्यवस्थित रूप से विस्थापन स्थल की ओर चले जाएं।
जिन घरों में परीक्षा, उनको दिया समय
एसडीएम अनुराग सिंह ने बताया कि विरोध करने वाले परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और उनके पेपर को लेकर बात रख रहे थे, हालांकि सभी घरों में बच्चों की परीक्षाएं नहीं है। वहीं मुख्य परीक्षाएं एमपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड की शनिवार को समाप्त हो चुकी हैं। प्रशासन द्वारा परिवारों द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों को चेक कर जिनके बच्चों के पेपर हैं उन्हें कुछ दिनों का समय दिया गया है। जिसके बाद उन परिवारों पर भी कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।
इनका कहना है
कार्यवाही के दौरान वहां मौजूद परिवारों द्वारा विरोध किया गया था, कुछ परीक्षा का हवाला दे रहे थे। समझाइए देने के बाद पहले दिन लगभग 8 से 10 परिवारों के अतिक्रमण हटाए गए, जिनके घर में परीक्षाएं उनको कुछ दिनों की मोहलत दी गई है।
अनुराग सिंह, एसडीएम
