इस्लामाबाद | ईरान-इजरायल युद्ध के चलते पाकिस्तान में ईंधन का संकट गहरा गया है, जिससे अब सड़कों पर कत्लेआम शुरू हो गया है। पंजाब प्रांत के सियालकोट (हाजीपुरा) में पेट्रोल न मिलने से नाराज एक युवक ने अरामको पंप पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। लगभग 40 मिनट तक कतार में खड़े रहने के बाद जब कर्मचारियों ने स्टॉक खत्म होने की बात कही, तो विवाद इतना बढ़ा कि युवक ने रिवॉल्वर निकाल ली। इस हमले में एक पंप कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। पूरे पाकिस्तान में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और तनाव का माहौल बना हुआ है।
संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ने आम जनता को एक और बड़ा झटका देते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। उपप्रधानमंत्री इशाक डार और वित्त मंत्री मोहम्मद औरंगज़ेब ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ मार्ग बाधित होने के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। सरकार ने चेतावनी दी है कि जो पेट्रोल पंप मालिक कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
मिडिल ईस्ट में जारी महाजंग ने पाकिस्तान की ऊर्जा सुरक्षा की कमर तोड़ दी है। देश को मिलने वाली तेल की बड़ी सप्लाई युद्धग्रस्त समुद्री मार्गों के कारण अटक गई है, जिससे सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वाह जैसे प्रांतों में पेट्रोल पंप सूखे पड़े हैं। लोग डिब्बे और बोतलों के साथ एक शहर से दूसरे शहर भटक रहे हैं, लेकिन अधिकांश जगहों पर लाइटें बंद कर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगा दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो पाकिस्तान में परिवहन और आवश्यक सेवाओं का पहिया पूरी तरह थम सकता है।

