
‘अमेरिकी दबाव’ में ‘नई रणनीति’, ‘दोनों देशों’ के ‘बीच’ ‘बढ़ेगी’ ‘निकटता’, ‘वैश्विक’ ‘मंच’ पर ‘भारत’ की ‘बड़ी’ ‘पहल’!
मॉस्को/नई दिल्ली, 06 अगस्त 2025: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वापसी और उनकी टैरिफ (आयात शुल्क) नीतियों की धमकियों के बीच, भारत अपनी भू-राजनीतिक रणनीतियों को मजबूत करने में जुट गया है। इसी क्रम में, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल मॉस्को में हैं, जहाँ वे रूस के साथ रक्षा सहयोग को और बढ़ाने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिका के साथ भारत के संबंधों में संभावित तनाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
डोभाल और उनके रूसी समकक्षों के बीच हुई बैठक में, दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य भारत-रूस के बीच सैन्य और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करना है। भारत हमेशा से ही रूस का एक प्रमुख रक्षा भागीदार रहा है, और इस यात्रा से यह स्पष्ट हो गया है कि भारत अपने पारंपरिक और विश्वसनीय सहयोगियों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करना चाहता है। यह कदम भारत की एक स्वतंत्र विदेश नीति को भी दर्शाता है।
