इंदौर: भारत सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना में घायल मरीजों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 फरवरी को प्रधानमंत्री राहत योजना प्रारंभ की गई है. इस योजना के तहत दुर्घटना में घायल मरीजों को डेढ़ लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार प्रदान किया जाएगा.उक्त योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष क्रमांक 102 में एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों तथा मेडिकल कॉलेजों के संचालक, प्रबंधक एवं आयुष्मान मित्र उपस्थित रहे.
बैठक को संयुक्त कलेक्टर रोशनी वर्धमान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शरद गुप्ता, डॉ. हेमंत गुप्ता तथा पुलिस विभाग से एडिशनल डीसीपी मीना चौहान द्वारा संबोधित किया गया. अधिकारियों ने योजना की प्रक्रिया, प्रावधानों एवं अस्पतालों की भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी दी. बैठक में डीपीएम अमित मोर द्वारा पोर्टल का प्रस्तुतिकरण किया गया तथा टीएमएस से संबंधित प्रस्तुति आयुष्मान जिला समन्वयक राहुल चौकसे द्वारा दी गई.
अधिकतम लाभ प्रदान करें
अधिकारियों द्वारा सभी निजी एवं शासकीय चिकित्सालयों को निर्देशित किया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल सभी मरीजों को इस योजना के अंतर्गत अधिकतम लाभ प्रदान किया जाए तथा उपचार प्रक्रिया को शीघ्र और प्रभावी बनाया जाए.
