कोलकाता, 06 मार्च (वार्ता) पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राजनीतिक टकराव शुक्रवार को उस समय और तेज हो गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एस्प्लेनेड में धरना देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की।
कोलकाता स्थित भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वप्न दासगुप्ता ने मुख्यमंत्री पर चुनाव आयोग की शुरू की गयी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को पटरी से उतारने की कोशिश का आरोप लगाया। उन्होंने धरना कार्यक्रम को ‘राजनीति से प्रेरित’ बताया और आरोप लगाया कि इसका उद्देश्य लोकतांत्रिक हितों की रक्षा करने के बजाय एसआईआर प्रक्रिया में बाधाएं डालना है।
श्री दासगुप्ता ने कहा कि एसआईआर संवैधानिक अभ्यास है तथा इसका उद्देश्य फर्जी या धोखाधड़ी वाली प्रविष्टियों की पहचान करना और उन्हें हटाकर सटीक एवं पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है। उन्होंने कहा, “पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में वास्तविक मतदाता ही शामिल हों। राजनीतिक कारणों से हालांकि इस प्रक्रिया में बाधा डालने के प्रयास किये जा रहे हैं।”
भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का यह विरोध प्रदर्शन अवैध घुसपैठ को वैध बनाने और उन लोगों को बचाने के प्रयासों से जुड़ा है, जिन्हें उन्होंने ‘फर्जी मतदाता’ करार दिया।
उन्होंने दावा किया कि इस तरह के प्रयासों से चुनावी प्रणाली की शुचिता प्रभावित हो सकती है। राज्य की व्यापक राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वप्न दासगुप्ता ने कहा कि पिछले पंद्रह वर्षों में पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक ढांचा और कानून-व्यवस्था की स्थिति काफी खराब हुई है।
उन्होंने टिप्पणी की, “कानून के शासन के बजाय शासक का कानून लागू हो गया है।” उन्होंने आगे कहा कि इससे शासन और न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास कमजोर हुआ है। महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए, उन्होंने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का हवाला दिया और दावा किया कि देश में एसिड हमले के महत्वपूर्ण मामले पश्चिम बंगाल से दर्ज किये जाते हैं, जबकि दोषसिद्धि की दर कम बनी हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते अपराध, राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार ने राज्य के सामाजिक और आर्थिक माहौल पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग भर्ती घोटाले में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के विवादों ने राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाया है और निवेश एवं उद्योग के माहौल को कमजोर किया है। उन्होंने बेरोजगारी पर भी चिंता व्यक्त की और दावा किया कि पर्याप्त नौकरी के अवसरों की कमी ने राज्य के कई युवाओं को काम की तलाश में अन्य स्थानों पर पलायन करने के लिए मजबूर किया है।
एसआईआर प्रक्रिया के महत्व पर जोर देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए राज्य सरकार से सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए मतदाता सूची का उचित पुनरीक्षण सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
