नयी दिल्ली 06 मार्च (वार्ता) जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मज़हर आसिफ़ ने कहा कि जामिया देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और भावी सिविल सेवकों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रोफ़ेसर आसिफ़ ने जामिया के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (आरसीए) की संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार सफलता के लिए ख़ुशी का इजहार करते हुए जामिया परिवार की ओर से सभी सफल अभ्यर्थियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि आरसीए के छात्रों की यह असाधारण सफलता जामिया की कड़ी मेहनत, दृढ़ता और संकल्प की संस्कृति को दर्शाती है, जो देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक में सफलता के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जामिया देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और भावी सिविल सेवकों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आरसीए की प्रभारी प्रोफेसर समीना बानो के नेतृत्व की भी प्रशंसा की, जिनके कार्यकाल में पिछले एक वर्ष में आरसीए को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई पहल की गई।
जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व का क्षण है कि इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में अभ्यर्थी, विशेषकर महिलाएं, इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुई हैं। उन्होंने सभी सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि भविष्य के अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
जामिया की आरसीए के 38 अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है जिनमें 15 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। आरसीए के चार अभ्यर्थियों ने ऑल इंडिया रैंक के शीर्ष 50 में जगह बनाई है। इनमें रैंक 7, 14, 24 और 29 प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी शामिल हैं, जो जामिया के शीर्ष स्थान हासिल करने वालों में रहे।
आरसीए की प्रभारी प्रो. समीना बानो ने परिणाम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता छात्रों की कड़ी मेहनत और जामिया प्रशासन के निरंतर प्रोत्साहन का परिणाम है। उन्होंने कुलपति और रजिस्ट्रार के मार्गदर्शन और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीईसी) 2025 का अंतिम परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया। इस वर्ष विभिन्न अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 958 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है जिनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं।
