छतरपुर। बुंदेलखंड क्षेत्र के दिव्यांगों के लिए छतरपुर से बड़ी राहत की खबर आई है। जिला मुख्यालय में केंद्र सरकार की पहल पर प्रदेश का दूसरा और बुंदेलखंड का पहला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (सीआरसी सेंटर) बनाया जा रहा है। यह अत्याधुनिक केंद्र खजुराहो-झांसी हाईवे पर सीएम राइज स्कूल के पास लगभग 5 एकड़ ज़मीन पर 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसे पूरी तरह शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल पुराने तहसील भवन से चल रहा अस्थाई संचालन
जब तक नया भवन बनकर तैयार नहीं होता, तब तक सीआरसी सेंटर का संचालन पुराने तहसील भवन से किया जा रहा है। मुंबई की एक संस्था इस केंद्र का संचालन कर रही है। यहां फिलहाल परामर्श, स्पीच थैरेपी, फिजियोथैरेपी, एक्युप्रेशर और मानसिक स्वास्थ्य मूल्यांकन जैसी सेवाएं दी जा रही हैं।
नए भवन में होंगी आधुनिक सुविधाएं और रोजगार प्रशिक्षण
नए भवन में दिव्यांगों के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र निर्माण यूनिट, पुस्तकालय और हॉस्टल जैसी सुविधाएं होंगी। केंद्र में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग भी शुरू कर दी गई है। सीआरसी निदेशक राजमणि पाल ने बताया कि अब तक 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और वर्तमान में 15 दिव्यांग विद्यार्थी कोचिंग ले रहे हैं।
यह केंद्र बुंदेलखंड के दिव्यांगजनों के लिए न सिर्फ उम्मीद की नई किरण है, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम भी साबित होगा।
छतरपुर में बनेगा बुंदेलखंड का सबसे बड़ा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र
