
भोपाल। जयप्रकाश जिला चिकित्सालय में गुरुवार को मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय संचालक डॉ नीरा चौधरी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पूनम श्रीवास्तव, फ़ोग्सी अध्यक्ष डॉ आभा जैन सहित स्त्री रोग विशेषज्ञ और विभिन्न अस्पतालों के चिकित्सक शामिल हुए. बैठक में जिले में हुई मातृ मृत्यु के मामलों की बारीकी से जांच की गई. बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मनीष शर्मा ने स्पष्ट कहा कि गर्भवती महिलाओं की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर गर्भवती का समय पर पंजीयन जांच और हाईरिस्क चिन्हांकन अनिवार्य रूप से किया जाए। जरूरत पड़ने पर समय पर रेफरल और उपचार सुनिश्चित किया जाए और सभी दस्तावेज पूरी तरह से दर्ज किए जाएं. वहीं बैठक में चिकित्सकों ने हर केस को क्लीनिकल डायग्नोसिस, सोनोग्राफी जांच और हाईरिस्क फैक्टर के आधार पर परखा. साथ ही उपचार में हो रही कमी पर भी खुलकर चर्चा की गई.
आपात स्थिति में तुरंत सूचना को बनेंगें व्हाट्सएप ग्रुप
डॉ मनीष ने कहा कि जिन मामलों में लापरवाही सामने आएगी. वहां संबंधित स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही सभी डिलीवरी पॉइंट्स के बीच बेहतर समन्वय के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना और व्यवस्था की जा सके.
मरीज रेफर के पहले और बाद में भी हो सूचना
बैठक में यह भी तय हुआ कि मरीज को रेफर करने से पहले संबंधित अस्पताल को सूचित किया जाए और रेफरल के बाद भी महिला की लगातार निगरानी रखी जाए। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित और समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा का उपयोग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया.
