महाकाल की नगरी में होगी कैबिनेट, राणोजी की छतरी पर तैयारी

उज्जैन: मध्यप्रदेश की कैबिनेट की बैठक इस बार महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित होने जा रही है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में होने वाली यह कैबिनेट रामघाट स्थित राणोजी की छतरी पर होगी. प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जोड़कर इसे देख रही है.नवभारत को मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार कैबिनेट की बैठक 16 या 17 मार्च को आयोजित की जा सकती है.

हालांकि अंतिम तिथि को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां जारी हैं. सरकार का उद्देश्य इस कैबिनेट बैठक के माध्यम से उज्जैन को अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक मजबूती से स्थापित करना है. सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए शहर में बड़े पैमाने पर विकास कार्य, सड़क चौड़ीकरण, बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय इस बैठक में लिए जाने की संभावना है.

30 करोड़ श्रद्धालु आएंगे
मध्य प्रदेश सरकार का अनुमान है कि सिंहस्थ 2028 में लगभग 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे और इसके लिए करीब 30 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया जाना प्रस्तावित है. यही कारण है कि प्रत्येक एक बिंदु पर मध्य प्रदेश सरकार बेहतर कार्य करना चाहती है, इसीलिए महाकाल की नगरी में कबिनेट की जा रही है.

पहले भी हो चुकी है बैठक
उज्जैन में इससे पहले भी राज्य कैबिनेट की बैठक हो चुकी है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोठी स्थित प्रशासनिक भवन में कैबिनेट बैठक आयोजित की थी. उस समय बैठक की अध्यक्षता प्रतीकात्मक रूप से भगवान महाकाल बाबा को समर्पित करते हुए उनकी तस्वीर अध्यक्ष की कुर्सी पर स्थापित की गई थी और पूरी व्यवस्था पारंपरिक राजदरबार की शैली में की गई थी.

भोपाल से आई टीम
इस बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर कैबिनेट बैठक को उज्जैन की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. इसी कड़ी में बैठक के आयोजन के लिए शहर के ऐतिहासिक स्थलों का निरीक्षण किया गया है और प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार की जा रही है. भोपाल से आई टीम ने उज्जैन पहुंचकर संभावित स्थल, बैठक व्यवस्था, अधिकारियों के बैठने की जगह, स्वल्पाहार और भोजन सहित पूरी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया.

8 मार्च को उज्जैन आएंगे सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 8 मार्च को रंगपंचमी के अवसर पर भी उज्जैन आएंगे. इस दौरान वे पारंपरिक गैर में शामिल होंगे और धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे. उज्जैन में रंगपंचमी का उत्सव विशेष महत्व रखता है और इस दिन भगवान महाकाल की गैर भी निकलती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और नागरिक शामिल होते हैं. पारंपरिक गैर का मार्ग भी बदला जा सकता है और उत्तर की बजाए यह गैर दक्षिण में निकाली जा सकती है ऐसी तैयारी की जा रही है.

अफसर तैयारी में जुटे
कैबिनेट बैठक और मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह , कलेक्टर रोशन कुमार सिंह सहित जिला प्रशासन, नगर निगम और अन्य विभागों के अधिकारी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं.

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