जबलपुर:आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर ने दुकानों की नीलामी एवं किराये की राशि जमा न कराकर लगभग 83 लाख रुपये की शासन को चपत लगाने के साथ आरक्षित वर्ग की दुकान, अनारक्षित को आवंटित कर धोखाधड़ी करने के मामले में नगर परिषद लखनादौन की अध्यक्ष, सीएमओ, राजस्व अधिकारी एवं पार्षदों सहित 23 के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
जानकारी अनुसार नगर परिषद लखनादौन ने 8 शॉपिंग काम्प्लेक्स में 75 दुकानें निर्मित कराने एवं नीलामी के लिए निविदा की कार्यवाही की गई थी। सभी दुकानों की उच्चतम बोलियों की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
नीलामी के दौरान ही दुकानों के आरक्षण का नियम भी लागू किया गया था आरक्षण रोस्टर में प्रत्येक काम्प्लेक्स में कौन से नम्बर की दुकान आरक्षित होगी यह निर्धारित की गई थी। नियमों के अनुसार 21 दिन के भीतर नीलामी की 25 प्रतिशत की राशि जमा की जाना थी और शेष राशि निविदा दर की अंतिम स्वीकृति के संबंध में लिखित सूचना प्राप्त होने के दिनांक से 120 दिन के अंदर जमा की जाना चाहिए थी। इसके बाद परिषद को संबंधित हितग्राही से एक अनुबंध तैयार किया जाना था जिसमें नगर परिषद द्वारा दुकान की प्रति माह लिए जाने वाली किराये की राशि का भी वर्णन होता है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा दुकानदारों से मिलीभगत कर बिना अनुबंध किये एवं नीलामी की बोली की पूरी राशि जमा कराये बिना ही दुकानदारों को दुकानों का कब्जा दे दिया है।
सत्यापन पर पाया गया कि 32 दुकानों में से 13 दुकानदारों ने नीलामी की राशि लगभग 79,82,500 रूपए जमा नहीं की है और परिषद से अनुबंध किये बिना ही दुकानें संचालित कर रहे है। इन दुकानदारों से नियमानुसार किराये की राशि भी वसूल नहीं की गयी है, जो लगभग 2,88,000 रूपए होती।दुकानदार वैभव दुबे के द्वारा काम्पलेक्स ए की दुकान नंबर 9 को नीलामी में उच्चतम बोली में प्राप्त किया था। उनके द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित दुकान नंबर 7 प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया गया था। यदि किसी आरक्षित दुकान की नीलामी तीन बार में भी नहीं हो पाती है तो परिषद उस आरक्षित दुकान को अनारक्षित घोषित कर इसकी नीलामी की कार्यवाही कर सकती है। वैभव दुबे के आवेदन पर नगर परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल की बैठक में मात्र प्रस्ताव पारित कर वैभव दुबे के आवेदन के आधार पर उन्हें दुकान क्र. 9 की नीलामी में प्राप्त राशि पर ही आरक्षित दुकान क्र. 7 आवंटित करने का प्रस्ताव पारित कर पुनः नीलामी कराये बिना दुकान आवंटित कर दी गई थी क्योंकि दुकान नंबर 6 उनकी पत्नी के नाम से प्राप्त हुई थी। इस प्रकार वैभव दुबे को अगल बगल की दुकानें प्राप्त करने में अवैध लाभ दिया गया है।
ये बने आरोपी-
जबलपुर ईओडब्ल्यू ने गजेन्द्र पाण्डे तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पालिका परिषद लखनादौन , सुश्री गीता वाल्मीक तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, रवि झारिया राजस्व उप निरीक्षक, भागचद्र अहिरवार तेजस्व जैन, शेलेन्द्र उर्फ सोनू यादव, श्रीमति सीमा गोल्हानी, श्रीमति संगीता गोल्हानी, श्रीमति बुलबुल जैन, खूबचंद चैकसे, सतीश उइके, देवेन्द्र राय श्रीवास्तव, सतेन्द्र विश्वकर्मा, गणेश पटेल, विकास नामदेव, शिवप्रसाद गोल्हानी, वैभव दुबे, नगर पालिका परिषद लखनादौन की प्रेसिडेंट इन काउंसिल के सदस्य मीणा बलराम गोल्हानी, देवकी शिवकुमार झारिया, संगीता संजय गोल्हानी, वर्षा श्रीकांत गोल्हानी, अनीता संदीप जैन, सविता गोलू कुमरे एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
