इंदौर: देश की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल विधवा एवं वृद्धा पेंशन योजना का लाभ लाखों जरूरतमंदों को मिलता रहा है, लेकिन कई ऐसे वृद्धजन हैं, जिनकी पेंशन बंद हो चुकी है और कई नए पात्रों को भी इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया.शहर के देवास नाका क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 35 स्थित राहुल गांधी नगर में ऐसा ही मामला सामने आया है. यहां कई हितग्राहियों की पेंशन लंबे समय से बंद पड़ी है. पड़ताल में पता चला कि कुछ की पेंशन अचानक बंद हो गई, जबकि कई पात्र लोगों को अब तक योजना का लाभ मिलना शुरू ही नहीं हुआ.
समस्या के समाधान के लिए वे झोन कार्यालय से लेकर नगर निगम कार्यालय तक कई बार चक्कर लगा चुके हैं. बैंक में भी कई बार केवाईसी प्रक्रिया पूरी करवाई गई. बावजूद इसके न तो बंद पेंशन दोबारा चालू की गई और न ही नए पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति मिली. वृद्धजनों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है. हितग्राहियों ने संबंधित अधिकारियों से शीघ्र जांच कर पेंशन चालू करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंदों को योजना का वास्तविक लाभ मिल सके.
यह बोले हितग्राही…
17 वर्ष हो चुके हैं, यहां पर रहते हुए. गांव में भी पेंशन नहीं दे रहे हैं और यहां भी नहीं. नगर निगम कार्यालय जाओ तो लौटा देते हैं. कोई हल निकालकर सरकार को पेंशन चालू कर देनी चाहिए.
– हसली बाई
पहले 500 रुपए मिलते थे बाद में 600 मिलने लगे, जिससे कुछ खर्चे के काम आ जाते थे. लेकिन पिछले दो वर्षों से पेंशन मिलना बंद हो गई है, जितने भी वृद्धजन हैं, सरकार सबकी पेंशन दोबारा चालू करे.
– द्वारका बाई
पिछले चार महीनों से पेंशन बंद हो चुकी है, कई बार नगर निगम के द्वझौन ऑफिस गया, वहां से बैंक पहुंचा, कई बार केवाईसी भी करवाई. अधिकारी केवल इधर से उधर दौड़ाते हैं, लेकिन अब तक पेंशन चालू नहीं की.
– रामप्रसाद
