सतना : रात के अंधेरे में अवयस्क लडक़ी का अपहरण करने के बाद बंधक बनाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अपर सत्र न्यायालय रामपुर बघेलान विवेक कुमार पाठक द्वारा 20 वर्ष के सश्रम कारवास के साथ 20 हजार रु के अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई. इस मामले में राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट संजय यादव द्वारा किया गया.
अभियोजन प्रवक्ता संदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट न्यायालय द्वारा आरोपी वरुण विश्वकर्मा पिता शारदा उम्र 28 वर्ष निवासी ग्राम गाजन को धारा 342, 363, 366 आईपीसी और पाक्सो एक्ट की धारा 4 के अंतर्गत दोषी पाए जाने पर उक्त दण्डादेश पारित किया गया. घटना के संबंध में अभियोजन प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अवयस्क पीडि़ता द्वारा 20 जुलाई 2016 को थाने में शिकायत की गई थी.
रात के लगभग 1 बजे जब लडक़ी लघुशंका के लिए घर से बाहर निकली. उसी दौरान आरोपी वरुण ने उसे दबोच लिया और मुंह दबाकर अपने घर ले गया. जहां पर लडक़ी को जबरदस्ती बंधक बनाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. सुबह होने पर आरोपी ने लडक़ी को घर में बंद करते हुए बाहर से ताला लगा दिया. अगले दिन रात में आरोपी एक बार फिर से घर पहुंचा जहां पर लडक़ी को धमकाते हुए मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले गया. मोटरसाइकिल के जरिए ले जाकर आरोपी ने लडक़ी को उसके मामा के गांव दादर जिला रीवा में घर के सामने छोड़ दिया और लौट गया. जिसके बाद लडक़ी ने अपने मामा को घटना के बारे में बताया. मामा के जरिए घटना की जानकारी लडक़ी के माता पिता को मिली. जिसके बाद लडक़ी के वापस घर पहुंचने पर थाने में मामले की शिकायत की गई.
