नयी दिल्ली 28 फरवरी (वार्ता) अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के सचिव डॉ. चंद्र शेखर कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को मुंबई में जियो पारसी सलाहकार समिति की दूसरी बैठक आयोजित की गई जिसमें पारसी आबादी में गिरावट के कारणों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान, पारसी आबादी में गिरावट के कारणों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिनमें जनसांख्यिकीय रुझान, देर से विवाह, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियां और बदलते सामाजिक स्वरूप शामिल थे। हितधारकों ने समन्वित नीतिगत समर्थन और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से इन मुद्दों के समाधान के लिए सुझाव साझा किए। समिति ने पारसी समुदाय में समय पर और शीघ्र विवाह को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी चर्चा की। इनमें जागरूकता अभियान को मजबूत करना, परामर्श और विवाह संबंधी सहायता प्रणालियों का विस्तार करना, पंचायतों और संस्थानों के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर भागीदारी को प्रोत्साहित करना और पारसी युवाओं और परिवारों के बीच संपर्क प्रयासों को बढ़ाना शामिल है।
डॉ. कुमार ने पारसी समुदाय के सदस्यों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को एनएमडीएफसी द्वारा स्टार्टअप, स्वरोजगार और कौशल-आधारित उद्यमों के लिए प्रदान किए जाने वाले रियायती ऋणों और उद्यमिता सहायता का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस बैठक में जियो पारसी योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जो पारसी समुदाय की घटती जनसंख्या को पलटने के उद्देश्य से शुरू की गई एक अनूठी योजना है। यह योजना प्रजनन उपचारों से संबंधित चिकित्सा सहायता, बाल देखभाल सहायता, जागरूकता कार्यक्रमों तथा परिवार निर्माण और जनसंख्या स्थिरीकरण को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन की गई सामुदायिक पहलों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इन चर्चाओं में सरकार की इस प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई कि वह लक्षित हस्तक्षेपों और हितधारकों के साथ निरंतर सहयोग के माध्यम से पारसी समुदाय की समृद्ध विरासत, जनसांख्यिकीय जीवंतता और सामाजिक-आर्थिक कल्याण को संरक्षित और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

