नयी दिल्ली 27 फरवरी (वार्ता) सेना और वायु सेना के नेत्र चिकित्सकों की विशेष टीम ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित वायु सेना अस्पताल में आयोजित चार दिन के पहले मेगा एडवांस्ड सर्जिकल नेत्र शिविर में 374 सफल शल्य चिकित्साएं कीं। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि इन शल्य चिकित्साओं से अनेक नेत्र रोगियों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। समापन समारोह में केंद्रीय वायु कमान के वायु अधिकारी कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल बी मणिकांतन उपस्थित थे। इसके अलावा, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और चिकित्सा सेवा महानिदेशक (वायु) एयर मार्शल संदीप थरेजा द्वारा उच्च-स्तरीय निरीक्षण भी किया गया।
शिविर में सिद्धार्थनगर, आज़मगढ़, देवरिया, महाराजगंज और गोरखपुर के ग्रामीण इलाकों के अलावा नेपाल से नेत्र रोगी आए। इस मिशन का प्रभाव गोरखपुर निवासी 69 वर्षीय अमरनाथ गुप्ता की आंखों में देखा जा सकता है। वर्षों से, उनकी आंखों की रोशनी कमज़ोर होने के कारण वे अपने पोते-पोतियों के चेहरे देखने की खुशी से वंचित थे। सफल सर्जरी के बाद भावुक होकर श्री गुप्ता उन सैकड़ों लोगों में शामिल हैं जिन्हें नई रोशनी मिली है।
इस टीम का नेतृत्व आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख ब्रिगेडियर (डॉ.) संजय कुमार मिश्रा ने किया, जिन्हें लेफ्टिनेंट कर्नल रवि चौहान और मेजर अमृता जोशी सहित शल्य चिकित्सा विशेषज्ञों की एक कुशल टीम का सहयोग से और इनके अथक प्रयासों से शिविर की सफलता सुनिश्चित हुई। टीम ने सर्जरी करने के लिए विश्व-स्तरीय चिकित्सा उपकरणों का उपयोग किया, जिन्हें भारतीय वायु सेना के विमानों द्वारा क्षेत्र में पहुंचाया गया था।
