​खाकी और खादी की खामोशी: बायां में सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई, आठ दिन बाद भी न पंचनामा, न FIR

बुधनी। ग्राम बायां में 50 से अधिक सागौन के पेड़ों की कथित अवैध कटाई और किसानों की जमीन पर कब्जे के मामले में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार विभागों की निष्क्रियता ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. शिकायतों के बावजूद न वन विभाग जागा, न राजस्व अमला हरकत में आया और न ही थाना स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई हुई. इससे ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है.

ग्रामीणों का आरोप है कि जिन खेतों में वर्षों पुराने सागौन के सैकड़ों पेड़ खड़े थे, वहां अब समतलीकरण कर तार फेंसिंग कर दी गई है। जमीन पर पड़े सागौन के ठूंठ कथित अवैध कटाई की कहानी खुद बयान कर रहे हैं, लेकिन वन अमले ने अब तक न लकड़ी जब्त की, न पंचनामा बनाया और न ही किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया. सवाल उठ रहा है कि आखिर किसके संरक्षण में इतनी बड़ी कटाई हो गई?

पीडि़त किसानों ने थाना, वन विभाग और राजस्व विभाग को लिखित शिकायत दी है। आठ दिन से अधिक समय गुजरने के बावजूद न राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन किया, न वन विभाग ने नुकसान का आकलन किया और न ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने पर भी स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा। इससे ग्रामीणों में यह धारणा बन रही है कि मामला दबाने की कोशिश हो रही है. ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और जमीन का सीमांकन कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे. यह मामला केवल पेड़ों की कटाई या जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वन संरक्षण, राजस्व भूमि की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की परीक्षा बन गया है. अब देखना होगा जिम्मेदार कब तक खामोश रहते हैं या जनता के दबाव के बाद ही कार्रवाई की जाएगी.

बिना विधिवत सीमांकन कराए जमीन पर कब्जा

सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि क्षेत्र के आठ किसानों की अलग-अलग खसरों की भूमि इस विवाद में शामिल है. किसानों का आरोप है कि एक बाहरी व्यक्ति ने बिना विधिवत सीमांकन कराए निजी और राजस्व भूमि को अपने कब्जे में लेते हुए पेड़ों की कटाई कर डाली. यदि यह आरोप सही है, तो यह न केवल वन अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि राजस्व नियमों की भी खुली अवहेलना है.

उधर,भैरुंदा क्षेत्र में अवैध वनोपज तस्करी के विरुद्ध वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए बाइक सहित आरोपी को धर दबोचा है. वन परिक्षेत्राधिकारी प्रकाशचंद्र उइके ने बताया कि मध्यरात्रि ग्राम लाड़कुई में गश्त के दौरान पुरानी मस्जिद के समीप एक संदिग्ध बाइक आती हुई दिखाई दी. जिसे रोकने का प्रयास किया ता चालक वाहन की रफ्तार बढ़ाकर भागने लगा. वन अमले ने पीछा करते हुए वाहन को घेराबंदी कर पकड़ लिया. बाइक पर अवैध सागौन के 3 नग चरपट बरामद की. जिनकी कीमत 5130 रुपए आंकी गई. वहीं वाहन की कीमत 25 हजार रुपए बताई जाती है. आरोपी की पहचान मुकेश आ. गिरदार बारेला निवासी ग्राम सेवनिया के रूप में हुई. आरोपी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है.

 

 

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