नशा मुक्ति केंद्र में कैद कर दुर्गेश को बनाया था बंदी

जबलपुर: उच्च न्यायालय जबलपुर में जस्टिस संजीव सचदेवा एवं जस्टिस विनय शराफ की डबल बेंच ने दुर्गेश पटेल को मुक्त करवाने के लिए लगाई गई “हैवीयस कॉरपस रिट” पर सुनवाई कर संज्ञान लेते हुए पुलिस को आदेश दिया गया था कि दुर्गेश पटेल को 26 फरवरी 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करे।

पुलिस द्वारा दुर्गेश पटेल को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया और न्यायालय द्वारा पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी मर्जी से नशामुक्ति केंद्र में भर्ती हुआ था, जिसपर दुर्गेश पटेल द्वारा बताया गया कि उनको उनके पुत्र रूपेंद्र पटेल द्वारा जबरन अगवा कर नशा मुक्ति केंद्र में कैद कर बंदी बनाया गया था। प्रकरण में अधिवक्ता गौरव तिवारी, अधिवक्ता दीपक तिवारी अधिवक्ता आलोक वगरेचा ने आवेदक की तरफ से पक्ष रखा।

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Fri Feb 27 , 2026
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