श्रीगंगानगर, 26 फरवरी (वार्ता) राजस्थान में बीकानेर जिले के खाजूवाला थाना क्षेत्र में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से भेजा गये ड्रोन मिला जिसमें पिस्तौलें और कारतूस बरामद हुए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सीमा से महज ढाई किलोमीटर दूर चक 24 केएनडी के एक खेत में पाकिस्तान की ओर से भेजा गया ड्रोन मलबे के रूप में दोपहर में मिला। ड्रोन से आठ पैकेट बंधे हुए थे, जिनमें चीन निर्मित नौ मिलीमीटर की पांच पिस्तौलें और 325 जिंदा कारतूस निकले।
सूत्रों ने बताया कि एक स्थानीय व्यक्ति खेत में काम करने गया तो उसकी नजर अचानक ड्रोन और उसके साथ लटके संदिग्ध पैकेटों पर पड़ी। तुरंत उसने पास ही स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की हिमगिरी पोस्ट को सूचना दी। बीएसएफ के जवान तत्काल मौके पर पहुंच गए। इसी बीच पुलिस को भी सूचना मिली और खाजूवाला पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। पैकेट खोलने पर अंदर से पांच एमएम की चीन निर्मित पिस्तौलें और 325 जिंदा कारतूस बरामद हुए।
खाजूवाला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमरजीत चावला ने बताया कि पैकेटों की पैकिंग बिल्कुल वैसी ही थी जैसी पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए हेरोइन गिराने के लिए इस्तेमाल की जाती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह ड्रोन कल देर रात पाकिस्तान की तरफ से भारतीय क्षेत्र में हथियार गिराने के लिये भेजा गया था। संभवतः नेटवर्क कनेक्शन टूटने या किसी तकनीकी खराबी के कारण ड्रोन हैंडलर के नियंत्रण से बाहर हो गया और खेत में गिर गया। रात के अंधेरे में इसकी भनक किसी को नहीं लगी।
ड्रोन और पैकेट मिलने के तुरंत बाद पुलिस, बीएसएफ और अन्य खुफिया एजेंसियों के संयुक्त दलों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान शुरू किया, जो शाम तक चला। इस दौरान कोई अन्य संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
पुलिस ने पांचों पिस्तौलें और 325 कारतूस अपने कब्जे में ले लिए हैं। ड्रोन को बीएसएफ की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर और श्रीगंगानगर जिलों से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार से तस्कर लंबे समय से ड्रोन के जरिए हेरोइन भारतीय सीमा में गिराते रहे हैं। हथियारों की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल अब तक कम देखा ही गया है।
