मुंबई, (वार्ता) निजी क्षेत्र की गैर-वित्तीय कंपनियों के लिए चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) बेहतरीन रही जहां बिक्री और शुद्ध मुनाफा दोनों में दहाई प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को बताया कि सूचीबद्ध गैर-वित्तीय निजी कंपनियों की बिक्री तीसरी तिमाही में 10.1 प्रतिशत बढ़ी। इसमें मुख्य योगदान विनिर्माण क्षेत्र का रहा। इससे पहले लगातार 11 तिमाहियों में बिक्री में एकल अंक की वृद्धि दर रही थी।
इसी प्रकार, इन कंपनियों (कुल 2,924 कंपनियों) का संयुक्त शुद्ध मुनाफा 1,65,220 करोड़ रुपये रहा जो 11.8 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है।
सूचीबद्ध 1,794 निजी विनिर्माण कंपनियों की बिक्री में तीसरी तिमाही में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी। आरबीआई के अनुसार, इसमें मुख्य योगदान वाहन, बिजली की मशीनें और अलौह धातु उद्योगों का रहा। आईटी कंपनियों की बिक्री 8.8 प्रतिशत और गैर-आईटी सेवा कंपनियों की बिक्री 10.6 प्रतिशत बढ़ी है।
आरबीआई ने जिन 2,924 कंपनियों के आंकड़े दिये हैं उनकी कुल बिक्री आठ प्रतिशत बढ़कर 16,69,114 करोड़ रुपये पर पहुंच गयी। वहीं, उत्पादों का कुल मूल्य 16,81,006 करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत अधिक है। कंपनियों ने कच्चे माल पर खर्च 6.2 प्रतिशत और कर्मचारियों पर खर्च 7.8 प्रतिशत बढ़ाया। वहीं, बिजली एवं ईंधन पर उनके खर्च में 3.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी। कुल व्यय 14,10,195 करोड़ रुपये रहा।
परिचालन लाभ 6.9 प्रतिशत बढ़कर 2,70,812 करोड़ रुपये रहा। कच्चे माल पर निजी विनिर्माण कंपनियों के खर्च में 12.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। निजी गैर-वित्तीय कंपनियों ने सरकारी खजाने में कुल 43,338 करोड़ रुपये का कर दिया जो सालाना आधार पर 4.5 प्रतिशत अधिक है।
