
पन्ना। पन्ना जिले मे त्रिस्तरीय पंचायती राज मे भ्रष्टाचार परवान चढ़ चुका है नीचे से ऊपर तक बिना लेन देन कोई कार्य नहीं हो रहा है। एक ऐसा ही मामला प्रकाश मे आया है जिसमें संभवतः पन्ना जिले का पहला मामला है जहां किसी सरपंच को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है। हासिल जानकारी के अनुसार लोकायुक्त पुलिस संभाग सागर ने आज ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को 5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आवेदक नंदलाल राठौर (निवासी ग्राम चौपरा) ने अपनी एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई की सुविधा के लिए कपिलधारा योजना के तहत कूप निर्माण हेतु आवेदन किया था। कूप निर्माण की स्वीकृति जनपद पंचायत शाहनगर से मिल चुकी थी और इसका कार्य मनरेगा के तहत होना था। हितग्राही का आरोप है कि जब उसने कार्य शुरू करने के लिए ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच जगत आदिवासी से संपर्क किया, तो सरपंच ने कार्य शुरू करने की अनुमति देने के बदले 11,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। सरपंच द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत नंदलाल राठौर ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त सागर से की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद योजनाबद्ध तरीके से आज जैसे ही आवेदक ने सरपंच जगत आदिवासी को रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 सौंपे, पहले से तैनात लोकायुक्त की टीम ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। घटना के बाद पूरे जनपद कार्यालय में हड़कंप के हालात हो गये और जनपद में पदस्थ कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए फिलहाल लोकायुक्त पुलिस की कार्यवाही जारी है। इस कार्यवाही में निरीक्षक कमल सिंह उइके, निरीक्षक रंजीत सिंह एवं लोकायुक्त सागर का स्टाफ मौजूद रहा।
