
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि ‘केरलम’ नाम मलयालम भाषा से लिया गया है और यह राज्य की सांस्कृतिक एवं भाषाई पहचान को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है।
मंत्री वैष्णव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर विचार करने के बाद मंत्रिमंडल ने इसे स्वीकृति प्रदान की है। अब यह प्रस्ताव आगे की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत केरल विधानसभा की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। विधानसभा की स्वीकृति और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के बाद ही नाम परिवर्तन आधिकारिक रूप से लागू हो सकेगा।
बताया जा रहा है कि ‘केरलम’ शब्द का उपयोग स्थानीय भाषा मलयालम में लंबे समय से किया जाता रहा है। राज्य सरकार का तर्क है कि अंग्रेज़ी में प्रचलित ‘केरल’ नाम की तुलना में ‘केरलम’ राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ों के अधिक करीब है।
नाम परिवर्तन के इस फैसले को राज्य की सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, विपक्षी दलों की ओर से इस मुद्दे पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
अब सभी की नजरें केरल विधानसभा पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। यदि विधानसभा इसे मंजूरी देती है, तो केंद्र सरकार औपचारिक अधिसूचना जारी कर राज्य का नया नाम ‘केरलम’ घोषित करेगी।
