वाशिंगटन, 24 फरवरी (वार्ता) पलाऊ ने प्रशांत क्षेत्र में पहली बार ओपन रेडियो एक्सेस नेटवर्क (ओपन आरएएन) तकनीक की राष्ट्रव्यापी तैनाती की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पलाऊ नेशनल कम्युनिकेशंस कॉरपोरेशन (पीएनसीसी) ने इस परियोजना के लिए तीन अमेरिकी आपूर्तिकर्ताओं के चयन की घोषणा की है, जिससे यह प्रशांत क्षेत्र में इस तरह की पहली पहल बन गयी है। यह उपलब्धि पलाऊ को प्रशांत द्वीप देशों में दूरसंचार नवाचार के अगुआ के तौर पर स्थापित करती है और सुरक्षित, विश्वसनीय तथा लचीले डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए एक क्षेत्रीय मानक तय करती है। प्रशांत क्षेत्र के पहले ओपन आरएएन नेटवर्क के रूप में यह पहल भौगोलिक रूप से बिखरे द्वीप राष्ट्रों में अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी को आगे बढ़ाने में पलाऊ की नेतृत्व भूमिका को दर्शाती है। नयी नेटवर्क व्यवस्था से सुरक्षित 4जी और 5जी सेवाएं मजबूत होंगी, डिजिटल आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ेगा और अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए व्यावसायिक अवसरों का विस्तार होगा। ओपन आरएएन के जरिए विक्रेताओं में विविधता और बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी संभव होगी, जिससे किसी एक आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता घटेगी और नेटवर्क की लचीलापन एवं सुरक्षा बढ़ेगी। यह परियोजना क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) के सहयोग से आगे बढ़ायी जा रही है, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, भारत और जापान शामिल हैं। क्वाड ने पलाऊ में सुरक्षित और लचीले दूरसंचार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगभग दो करोड़ अमेरिकी डॉलर की प्रतिबद्धता जतायी है। यह कदम 2023 में क्वाड द्वारा पलाऊ को प्रशांत क्षेत्र में पहले ओपन आरएएन परिनियोजन स्थल के रूप में नामित किए जाने की घोषणा के अनुरूप है। इसके बाद
से क्वाड ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए करीब दो करोड़ डॉलर का समर्थन सुनिश्चित किया है। इस आधार को और मजबूत करते हुए, क्वाड एशिया ओपन आरएएन अकादमी (एओआरए) और फिलीपींस में चल रहे ओपन आरएएन फील्ड परीक्षण के लिए समर्थन का विस्तार करने की योजना बना रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में अमेरिका और जापान ने इसके लिए 80 लाख डॉलर देने की घोषणा की थी। अमेरिका ने एओआरए के वैश्विक विस्तार के लिए 70 लाख डॉलर से अधिक निवेश करने का भी इरादा जताया है, जिसमें भारतीय संस्थानों के साथ साझेदारी में दक्षिण एशिया में बड़े पैमाने पर ओपन आरएएन कार्यबल प्रशिक्षण पहल शामिल होगी। क्वाड साझेदार दक्षिण-पूर्व एशिया में अतिरिक्त ओपन आरएएन पहलों और तुवालु टेलीकम्युनिकेशंस कॉरपोरेशन के साथ संभावित सहयोग की भी संभावनाएं तलाश रहे हैं, ताकि तुवालु को राष्ट्रव्यापी 5जी तैनाती के लिए तैयार किया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि यह साझेदारी न केवल पलाऊ की डिजिटल क्षमताओं को मजबूत करती है, बल्कि प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षित कनेक्टिविटी, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के व्यापक क्षेत्रीय प्रयासों को भी मजबूती प्रदान करती है।

