सोल, 19 फरवरी (वार्ता) दक्षिण कोरिया के एक गवर्नर किम ही-सू को गिरती जन्म दर से निपटने के लिए श्रीलंका और वियतनाम से महिलाओं के ‘आयात’ वाली अपनी टिप्पणी के कारण निष्कासित कर दिया गया है। दक्षिण जेओला प्रांत के जिन्दो काउंटी के गवर्नर किम ही-सू ने ग्रामीण क्षेत्रों के कुंवारे पुरुषों की शादी कराने और क्षेत्र में घटती जनसंख्या को बढ़ावा देने के लिए यह विचार रखा था। ये टिप्पणियां ग्वांगजू और दक्षिणी जेओला प्रांत के प्रशासनिक विलय का प्रस्ताव देने के लिए आयोजित एक टाउन हॉल बैठक के सीधे प्रसारण के दौरान की गईं। इन टिप्पणियों के कारण लोगों में नाराजगी फैल गयी और देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। स्थानीय मीडिया के अनुसार, “सियोल में वियतनामी दूतावास ने श्री किम की टिप्पणियों की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि उनके शब्द ‘केवल अभिव्यक्ति का मामला नहीं हैं, बल्कि प्रवासी महिलाओं और अल्पसंख्यक समूहों के प्रति मूल्यों और दृष्टिकोण का मामला हैं’।”
इन टिप्पणियों के परिणामस्वरूप, डेमोक्रेटिक पार्टी ने नौ तारीख को श्री किम को निष्कासित कर दिया और जनता में भारी रोष देखा गया। कई लोगों ने उनकी टिप्पणियों की आलोचना की और उन्हें ‘अनुचित’ बताया।
श्री किम ने गुस्से को शांत करने के लिए पांच तारीख को माफी मांगने की कोशिश की थी, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ और लोगों का विरोध जारी रहा।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, “यह सुझाव तब आया है जब दक्षिण कोरिया दुनिया की सबसे कम जन्म दर से जूझ रहा है, जिसके कारण देश की पांच करोड़ की आबादी 60 वर्षों में घटकर आधी हो सकती है।” एक बैठक के दौरान, डेमोक्रेटिक पार्टी की सुप्रीम काउंसिल की सदस्य मून जियोंग-बोक ने कहा, “इंसान आयात की जाने वाली वस्तु नहीं है। इस टिप्पणी का सार केवल लैंगिक संवेदनशीलता की कमी तक सीमित नहीं है, यह लोगों के साथ वस्तुओं जैसा व्यवहार करता है।”
इसके अलावा, अब जिन्दो काउंटी में महिला कार्यकर्ता उनकी टिप्पणियों के खिलाफ रैली करने की योजना बना रही हैं। महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले लगभग 100 समूहों, नागरिक और प्रवासी समूहों ने भी श्री किम की टिप्पणियों की निंदा की। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, दक्षिण जेओला के अधिकारियों ने वियतनामी सरकार और उनकी टिप्पणियों से आहत लोगों से माफी मांगी है।

